तराई केंद्रीय वन प्रभाग ने की हरियाणा में 250 क्विंटल खैर की बड़ी बरामदगी, माल बरामद तस्कर फरार,
अंतर्राज्यीय खैर तस्करी पर वन विभाग की सबसे बड़ी कार्रवाई।
लालकुआँ।
तराई केन्द्रीय वन प्रभाग रूद्रपुर डिवीजन की टांडा रेंज ने अंतर्राज्यीय खैर तस्करों पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा के करनाल जनपद के थाना बुटाना क्षेत्र के ग्राम बैरसाल में छापेमारी कर 250 क्विंटल 670 नग अवैध खैर की लकड़ी बरामद की है। बरामद लकड़ी की कीमत लगभग 10 लाख रुपये आंकी गई है।
टीम ने मौके पर मौजूद 14 टायरा ट्रक (UP-70-HT-2637) को जब्त कर लिया गया। छापेमारी के दौरान मुख्य आरोपी अभिमन्यु सिंह चौहान उर्फ सैकी मौके से फरार हो गया। वन विभाग ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
डीएफओ यूसी तिवारी ने शुक्रवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मुखबिर तंत्र से सूचना मिली कि केदार हर्बल इंडस्ट्रीज (ग्राम बैरसाल) में बड़ी मात्रा में अवैध खैर जमा है, जिसे जल्द बेचने की तैयारी है।
सूचना पर उनके द्वारा गठित टीम में शामिल वन क्षेत्राधिकारी रूपनारायण गौतम, वन क्षेत्राधिकारी पूरन जोशी, एसओजी प्रभारी कैलाश तिवारी आदि ने देर रात दबिश दी। टीम के पहुंचते ही तस्कर सर्तक होकर फरार हो गए, लेकिन भारी मात्रा में अवैध लकड़ी बरामद करी है।
गौरतलब है कि उत्तराखंड–उत्तर प्रदेश सीमा सटी होने के कारण रूद्रपुर डिवीजन तस्करों के लिए वर्षों से सक्रिय इलाका बना हुआ है।
तस्कर जंगलों से लकड़ी काटकर यूपी सीमा में जमा करते फिर हरियाणा में खपाते हैं।
खैर की लकड़ी गुटखा/कत्था उत्पादन
के अलावा औषधियाँ फर्नीचर/काष्ठ उद्योग में उपयोगी होने के कारणों से तस्करों की मांग बनी रहती है।
प्रभागीय वनाधिकारी उमेश चन्द्र तिवारी ने बताया कि पिछले कई महीनों से तस्करी की सूचनाएँ मिल रही थीं। मुखबिरों को सक्रिय करने और हरियाणा पुलिस के सहयोग के बाद संयुक्त टीम ने छापेमारी की, जिसमें भारी मात्रा में अवैध खैर बरामद हुआ।
उन्होंने सख्त लहजे में कहा“खैर तस्करी का पूरा नेटवर्क पकड़ा जाएगा। किसी को छोड़ा नहीं जाएगा। गश्त और कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।”
मुख्य आरोपी इंडस्ट्री का संचालक फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी तस्करी के बाद महकमा जगा यदि पहले से अलर्ट रहते तो शायद तस्कर अपने मनसूबों में कामयाब ही नहीं हो पाते।
लंबे समय से चल रही तस्करी पर विभाग की ढीली निगरानी पर सवाल उठने लगे हैं कि तस्करी रोकने के लिए अब तक ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए?”
जांच जारी, गिरफ्तारियां होंगी जल्द
वन विभाग मामले को अत्यंत गंभीरता से जांच रहा है हरियाणा और यूपी के कुछ संदिग्धों से पूछताछ की तैयारी है।
फरार मुख्य आरोपी की धरपकड़ के प्रयास तेज किए गए हैं।
डीएफओ तिवारी के अनुसार “पूरा रैकेट का जल्द फ़र्दफ़ास किया जाएगा।”
उक्त कार्रवाई टीम में
उप प्रभागीय वनाधिकारी शशि देवा, मनिंदर कौर
वन क्षेत्राधिकारी रूपनारायण गौतम, पूरन जोशी
एसओजी प्रभारी कैलाश तिवारी
उप वन क्षेत्राधिकारी विरेंद्र परिहार
वन दरोगा धर्मेंद्र, नंदाबल्लभ काण्डपाल, नवीन मेहरा
सुरेश पांडे, पूरन चन्द्र पाठक, मोहन सिंह सामंत,
पंकज गहतौड़ी, राहुल कुमार, भुवन खर्कवाल सहित अन्य वनकर्मी मौजूद रहे।
