








बिंदुखत्ता राजस्व गांव की लड़ाई निर्णायक मोड़ पर: सर्वदलीय संयुक्त संघर्ष समिति गठित, 18 फरवरी को बिंदुखत्ता से लालकुआं तक ऐतिहासिक जुलूस का ऐलान!
दर्पण न्यूज 24/7 संवाददाता लालकुआं।
बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने को लेकर लंबे समय से संघर्षरत ग्रामीणों ने अब आंदोलन को निर्णायक दिशा देने की ठान ली है। इसी क्रम में काररोड क्षेत्र में आयोजित सर्वदलीय बैठक में सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर संयुक्त संघर्ष समिति बिंदुखत्ता का गठन किया और आगामी 18 फरवरी को बिंदुखत्ता से लालकुआं तक ऐतिहासिक जुलूस प्रदर्शन निकालने का ऐलान किया।
बैठक में सर्वसम्मति से प्रत्येक राजनीतिक दल से पांच-पांच पदाधिकारियों को शामिल करते हुए 25 सदस्यीय संयोजक मंडल समिति बनाई गई, जिसमें मुख्य संयोजक के रूप में कैप्टन इंद्र सिंह पनेरी को नामित किया गया। समिति के गठन को बिंदुखत्ता के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम बताया गया।
गणमान्य लोगों ने कहा कि बिंदुखत्ता राजस्व गांव की लड़ाई को मजबूती देने के लिए यह पहला मौका है जब सभी दलों ने राजनीति से ऊपर उठकर एक गैर-राजनीतिक मंच तैयार किया है। तय किया गया कि 18 फरवरी को निकाले जाने वाले जुलूस में हजारों ग्रामीण संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले शामिल होकर सरकार तक अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
बैठक में संयुक्त संघर्ष समिति के जिन नवनियुक्त सदस्यों की उपस्थिति रही, उनमें
खिलाफ सिंह दानू, दलवीर सिंह कफोला, प्रताप सिंह विष्ट, हीरा सिंह बिष्ट, पुष्कर सिंह दानू, प्रमोद कॉलोनी, हरीश बिसौती, कुंदन सिंह मेहता, रमेश कुमार, नवीन पपोला, कुंदन सिंह चुफाल, भरत नेगी, नंदन बोरा, दीपक जोशी, भुवन चंद्र जोशी, पुष्कर दुबडिया, विमला रौथाण, किशन बघरी, पुष्पा टम्टा, अर्जुन नाथ गोस्वामी, उमेश चंद्र भट्ट, चंचल सिंह कोरंगा, श्याम सिंह रावत और कवराज सिंह धामी शामिल थे।
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि अब बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाकर ही दम लिया जाएगा और यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती।
फोटो परिचय:
बिंदुखत्ता राजस्व गांव को लेकर गठित संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी।
