








महिला शक्ति से मजबूत हो रही पहाड़ की डेयरी अर्थव्यवस्था
महिला दिवस पर दुग्ध संघ ने उत्कृष्ट महिला दुग्ध उत्पादकों को किया सम्मानित, बोनस राशि भी बांटी!
दर्पण न्यूज 24/7 लालकुआं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड की ओर से पर्वतीय क्षेत्र खुटियाखाल में एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम पूर्व विधायक दान सिंह भंडारी के मुख्य आतिथ्य और दुग्ध संघ अध्यक्ष मुकेश बोरा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस दौरान दुग्ध उत्पादन में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिला दुग्ध उत्पादकों को सम्मानित किया गया और उन्हें बोनस राशि भी वितरित की गई।
कार्यक्रम में महिला दिवस उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। महिला दुग्ध उत्पादकों ने कुमाऊनी लोकगीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से पूरे आयोजन को उत्सव का रूप दे दिया। रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा और लोकधुनों के बीच पर्वतीय संस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिली।
इस अवसर पर वर्ष 2024 से 2026 तक की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024–25 में लगभग 29 लाख 93 हजार 885 रुपये की दुग्ध खरीद पर करीब 8.48 प्रतिशत लाभ दर्ज किया गया। वहीं लगभग 30 लाख 20 हजार 123 रुपये की दुग्ध खरीद पर 9.72 प्रतिशत लाभ प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त लगभग 2 लाख 52 हजार रुपये की दुग्ध खरीद पर करीब 8.5 प्रतिशत लाभ दर्ज किया गया।
समिति की रिपोर्ट के अनुसार वर्षभर में कुल 91 हजार लीटर से अधिक दुग्ध की खरीद की गई। दुग्ध की औसत खरीद दर लगभग 33.19 रुपये प्रति लीटर रही, जबकि नमूना बिक्री दर 60 रुपये प्रति लीटर निर्धारित की गई है। बैठक में दुग्ध उत्पादकों को उनके योगदान के आधार पर बोनस राशि वितरित की गई और प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले उत्पादकों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान पर्वतीय क्षेत्र में हाल ही में बाघ के हमले में एक महिला और एक पुरुष की मृत्यु की घटना पर भी शोक व्यक्त किया गया। नैनीताल दुग्ध संघ की ओर से मृतकों के परिजनों को 21-21 हजार रुपये के आर्थिक सहायता चेक प्रदान किए गए, ताकि दुख की इस घड़ी में परिवारों को कुछ सहारा मिल सके।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दुग्ध संघ अध्यक्ष मुकेश बोरा ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने में महिलाओं की भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम हैं और इससे दुग्ध उत्पादकों को सीधे आर्थिक लाभ मिल रहा है। उन्होंने सभी सदस्यों से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और सहकारी आंदोलन को और अधिक सशक्त बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में दुग्ध समिति की अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा देवी और सचिव हरीश चंद्र कोटलिया ने सभी अतिथियों और सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर के.डी. रुवाली, किशन सिंह बिष्ट, संजय सिंह भाकुनी, गीता ओझा, शांति कोरंगा, नीमा साह, विजय जलाल, संतोष, मीना रौतेला, डॉ. धीरज, हरीश चंद्र आर्या और पूनम दरमवाल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
