बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने का मुद्दा फिर गरमाया, पूर्व मंत्री दुर्गापाल ने साधा भाजपा पर निशाना!
दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो प्रमोद बमेटा,
लालकुआं!
बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित करने की मांग एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गई है। क्षेत्र में आयोजित कांग्रेस के एक कार्यक्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल ने भाजपा नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए बिंदुखत्ता के विकास में बाधा डालने का आरोप लगाया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दुर्गापाल ने कहा कि जिन लोगों ने बिंदुखत्ता को नगरपालिका बनने से रोका, उन्होंने क्षेत्र की जनता से उसका अधिकार छीनने का काम किया। उन्होंने कहा कि यदि नगरपालिका व्यवस्था लागू रहती तो क्षेत्र में स्थानीय निकाय का अपना बोर्ड होता, विकास योजनाओं के लिए बजट उपलब्ध होता और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो चुका होता।
दुर्गापाल ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि कुछ नेताओं ने राजनीतिक लाभ के लिए नगरपालिका का विरोध किया और जनता को यह भरोसा दिलाया कि भाजपा सरकार बनने पर बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि वर्षों बीत जाने के बावजूद आज तक राजस्व गांव की अधिसूचना जारी क्यों नहीं हो सकी।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने इस मुद्दे के बीच क्षेत्र में एक बार फिर वर्ष 2017 के आसपास चले नगरपालिका विरोधी आंदोलन की यादें ताजा हो गई हैं। उस समय भाजपा नेताओं ने नगरपालिका का विरोध करते हुए राजस्व गांव बनाने की मांग को प्रमुखता से उठाया था।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पहले भाजपा विधायक नवीन दुमका और उसके बाद वर्तमान विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट के कार्यकाल में भी राजस्व गांव का सपना साकार नहीं हो पाया। उनका कहना है कि भाजपा सरकार के लगभग एक दशक के कार्यकाल के बावजूद बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित करने की दिशा में कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया।
वहीं क्षेत्र के लोगों के बीच भी यह चर्चा तेज है कि यदि नगरपालिका व्यवस्था लागू रहती तो विकास कार्यों को गति मिल सकती थी। दूसरी ओर राजस्व गांव की मांग अभी भी अधूरी बनी हुई है।
आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए बिंदुखत्ता का यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक दलों के लिए अहम बनता दिखाई दे रहा है। क्षेत्र की जनता अब इस बात का जवाब चाहती है कि आखिर वर्षों से लंबित राजस्व गांव की मांग कब पूरी होगी और विकास के लिए कौन-सा मॉडल क्षेत्र के हित में बेहतर साबित होगा।
