








खरीफ फसलों के लिए बड़ा खतरा बनी सफेद लट, समय रहते करें नियंत्रण!
दर्पण न्यूज 24/7 |
खरीफ सीजन की फसलों में इन दिनों सफेद लट (White Grub) का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसे गोबर कीड़ा, मेमरु या गोजा लट के नाम से भी जाना जाता है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यदि समय रहते इस कीट पर नियंत्रण नहीं किया गया तो यह फसल को 70 से 80 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा सकता है।
सफेद लट एक भूमिगत कीट है, जिसकी इल्ली अवस्था मिट्टी के अंदर रहकर पौधों की जड़ों को काटती है। इसके कारण पौधे धीरे-धीरे मुरझाने लगते हैं और अंततः सूखकर नष्ट हो जाते हैं। यह कीट विशेष रूप से मूंगफली सहित खरीफ की कई फसलों को गंभीर नुकसान पहुंचाता है।
कैसे करें पहचान!
सफेद लट का शरीर सफेद रंग का होता है तथा इसका मुख लाल या भूरे रंग का दिखाई देता है। इसका आकार अंग्रेजी के ‘C’ अक्षर जैसा मुड़ा हुआ होता है। यह अक्सर कच्चे गोबर के ढेरों में भी पाई जाती है।
नियंत्रण के उपाय!
किसान भाई निम्न में से किसी एक कीटनाशक का उपयोग कर सफेद लट पर प्रभावी नियंत्रण कर सकते हैं—
इमिडाक्लोप्रिड 40% + फिप्रोनिल 40% : 100 ग्राम प्रति एकड़
क्लोरोपायरीफॉस 50% + सायपरमेथ्रिन 5% EC : 1 लीटर प्रति एकड़
क्लोरेंट्रानिलीप्रोल 0.4 GR : 4 किलोग्राम प्रति एकड़
कार्बोफ्यूरान 0.3% CG : 10 किलोग्राम प्रति एकड़
थियामेथोक्सम 1% + क्लोरेंट्रानिलीप्रोल 0.5% GR : 2.5 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर
किसान अपनी फसल और स्थानीय कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार इनमें से किसी एक दवा का प्रयोग कर सकते हैं।
दर्पण न्यूज 24/7 किसानों से अपील करता है कि इस महत्वपूर्ण जानकारी को अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाएं ताकि समय रहते सफेद लट के प्रकोप से फसलों को बचाया जा सके।
दर्पण न्यूज 24/7 आगे भी किसानों के हित में कृषि, पशुपालन, बागवानी एवं नवीन तकनीकों से जुड़ी उपयोगी जानकारियां नियमित रूप से उपलब्ध कराता रहेगा। ऐसी महत्वपूर्ण खबरों और कृषि अपडेट्स के लिए दर्पण न्यूज 24/7 को फॉलो करना न भूलें।
