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हाईवे पर बढ़ता गौवंश, हादसे के इंतजार में जिम्मेदार!

राष्ट्रीय राजमार्ग पर झुंड में घूमता गौवंश, दर्पण न्यूज 24×7 के कैमरे में कैद हुई हकीकत, गौ संरक्षण के दावों के बीच बड़ा सवाल—क्या हादसे के बाद जागेगा प्रशासन?

हल्दूचौड़।

गौ संरक्षण को लेकर किए जा रहे तमाम दावों के बीच हल्दूचौड़ चौराहे पर राष्ट्रीय राजमार्ग की तस्वीरें व्यवस्था को आईना दिखाने के लिए काफी हैं। दर्पण न्यूज 24×7 के कैमरे में कैद हुए मौके के वीडियो में गौवंश का पूरा झुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर बेखौफ विचरण करता दिखाई दे रहा है। तेज रफ्तार वाहनों और राहगीरो के बीच सड़क पर घूमता गौवंश कभी बीच हाईवे पर तो कभी वाहनों के बिल्कुल नजदीक नजर आता है।

यह दृश्य महज गौवंश की परेशानी नहीं, बल्कि किसी बड़े सड़क हादसे की आशंका को भी सामने ला रहा है। अचानक सड़क पर आ जाने वाला कोई पशु वाहन चालक के लिए संभलने का मौका तक नहीं देता। ऐसे में दोपहिया वाहन सवार या तेज रफ्तार वाहन इसकी चपेट में आए तो स्थिति कितनी भयावह हो सकती है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

हादसा होने का इंतजार क्यों?

सवाल यह है कि जब राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार गौवंश के झुंड दिखाई दे रहे हैं तो जिम्मेदार तंत्र अब तक गंभीर क्यों नहीं हुआ? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?

खासकर रात के समय सड़क पर बैठे या घूमते पशु वाहन चालकों को दूर से दिखाई भी नहीं देते। ऐसे में हाईवे पर गौवंश की मौजूदगी सीधे तौर पर सड़क सुरक्षा के लिए खतरा बन चुकी है।

गौ संरक्षण की व्यवस्था पर उठ रही उंगली

हल्दूचौड़ में गौ धाम और नगर निगम हल्द्वानी की गंगापुर कबड़वाल स्थित गौशालाओं की मौजूदगी के बावजूद यदि स्थानीय गौवंश हाईवे पर भटकता नजर आ रहा है तो व्यवस्थाओं की समीक्षा होना लाजिमी है।

स्थानीय लोगों का सीधा सवाल है—जब गौ संरक्षण के लिए आश्रय स्थल मौजूद हैं तो फिर सड़क पर घूम रहे निराश्रित गौवंश को वहां पहुंचाने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?

क्या संबंधित विभागों के पास निराश्रित गौवंश को पकड़कर सुरक्षित आश्रय तक पहुंचाने की नियमित व्यवस्था नहीं है? यदि व्यवस्था है तो फिर हाईवे पर बढ़ते गौवंश के झुंड उस व्यवस्था की निगरानी पर सवाल क्यों खड़े कर रहे हैं?

कैमरे में कैद तस्वीरें दे रहीं चेतावनी

दर्पण न्यूज 24×7 द्वारा मौके पर बनाए गए वीडियो में जिस तरह गौवंश का झुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर विचरण करता नजर आ रहा है, वह जिम्मेदार विभागों के लिए किसी चेतावनी से कम नहीं है।

यह तस्वीरें कार्रवाई की मांग कर रही हैं—किसी हादसे के बाद पंचनामा और मुआवजे की औपचारिकता से पहले सड़क पर भटक रहे इन पशुओं को सुरक्षित आश्रय मिलना चाहिए।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि हल्दूचौड़ चौराहे समेत आसपास के राष्ट्रीय राजमार्ग और संपर्क मार्गों पर अभियान चलाकर निराश्रित गौवंश को सुरक्षित गौशालाओं तक पहुंचाया जाए। साथ ही गौशालाओं की क्षमता, उपलब्ध सुविधाओं और स्थानीय गौवंश को आश्रय देने की व्यवस्था की भी समीक्षा की जाए।

अब सवाल सीधा है—हाईवे पर बढ़ता गौवंश कब तक यूं ही हादसे को न्योता देता रहेगा?

क्या जिम्मेदार किसी बड़े हादसे से पहले जागेंगे, या फिर हादसा होने के बाद ही व्यवस्था की नींद टूटेगी?

उत्तराखंड