अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में गूंजेगी उत्तराखंड के किंग कोबरा की कहानी।
‘दिव्य मां’ डॉक्यूमेंट्री का जर्मनी के प्रतिष्ठित ग्रीन स्क्रीन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के लिए चयन।
दर्पण न्यूज 24/7
नैनीताल संवाददाता : मंजूल चौनाल
नैनीताल। उत्तराखंड के घने जंगलों और हिमालयी जैव विविधता पर आधारित वन्यजीव डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘दिव्य मां’ ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उत्तराखंड में पाए जाने वाले विशाल और दुर्लभ किंग कोबरा पर केंद्रित इस डॉक्यूमेंट्री का चयन जर्मनी में आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध ग्रीन स्क्रीन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शन के लिए आधिकारिक रूप से किया गया है। यह प्रतिष्ठित महोत्सव आगामी 9 से 13 सितंबर 2026 तक आयोजित होगा, जिसमें दुनिया भर की चुनिंदा वन्यजीव एवं प्रकृति आधारित फिल्मों का प्रदर्शन किया जाता है।
फिल्म के चयन को उत्तराखंड ही नहीं बल्कि भारतीय वन्यजीव सिनेमा के लिए भी गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। ‘दिव्य मां’ का निर्माण प्रख्यात वन्यजीव फोटोग्राफर एवं पद्मश्री सम्मानित अनूप साह तथा वन्यजीव संरक्षणवादी पार्थ शर्मा ने किया है, जबकि इसका निर्देशन प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक अजय सूरी ने किया है।
फिल्म की शूटिंग उत्तराखंड के कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के दुर्गम वन क्षेत्रों में लगभग 18 महीनों तक बेहद कठिन परिस्थितियों में की गई। डॉक्यूमेंट्री में मुख्य रूप से मादा किंग कोबरा के अद्भुत नेस्टिंग व्यवहार और एक मां के रूप में उसके असाधारण संरक्षण भाव को दर्शाया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह व्यवहार सर्प प्रजातियों में अत्यंत दुर्लभ माना जाता है।
फिल्म ‘दिव्य मां’ केवल एक वन्यजीव कहानी नहीं बल्कि प्रकृति, पौराणिक मान्यताओं, संरक्षण और हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र के नाजुक संतुलन को भी बेहद संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करती है। फिल्म के माध्यम से किंग कोबरा जैसे अक्सर गलत समझे जाने वाले जीव के प्रति लोगों में जागरूकता और सम्मान बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
टीम येलो मार्टेन प्रोडक्शंस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में उम्मीद जताई गई है कि यह डॉक्यूमेंट्री वैश्विक मंच पर उत्तराखंड की समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण की आवश्यकता को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
