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यादों के झरोखे से सेंचुरी, अब आईटीसी के नए अध्याय में!
चार दशक से लालकुआं की पहचान रही सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल के परिसर में लगा आईटीसी का बोर्ड!

प्रमोद बमेटा दर्पण न्यूज 24/7
लालकुआं। चार दशक से अधिक समय से लालकुआं की औद्योगिक पहचान और हजारों परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार रही सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल अब आईटीसी लिमिटेड के नए अध्याय से जुड़ गई है। आज से मिल का स्वामित्व और संचालन आईटीसी के अधीन हो गया। इसके साथ ही मिल परिसर में आईटीसी का बोर्ड भी लगा दिया गया है। अधिकारियों, कर्मचारियों, स्टाफ और ठेका कर्मियों से स्थानांतरण संबंधी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।
वर्ष 1984 में स्थापित सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल आदित्य बिड़ला समूह की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों में शामिल रही है। बीते 41 वर्षों में इस मिल ने कागज उद्योग के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के साथ ही लालकुआं की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को भी प्रभावित किया। मिल से करीब 8000 अधिकारी, कर्मचारी, स्टाफ और ठेका कर्मी प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं, जबकि हजारों परिवार अप्रत्यक्ष रूप से इससे अपनी आजीविका चलाते रहे हैं।
सेंचुरी की कहानी केवल एक औद्योगिक इकाई की कहानी नहीं है। लालकुआं के कई परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी और उनकी यादें भी इससे जुड़ी हैं। कई परिवारों की पीढ़ियां इसी मिल में नौकरी करते हुए आगे बढ़ीं। किसी के लिए यह रोजगार का जरिया रही तो किसी के लिए जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धियों की आधारशिला। मिल की गतिविधियों का असर स्थानीय बाजार, परिवहन और छोटे कारोबार पर भी देखने को मिलता रहा है।
अब स्वामित्व परिवर्तन के बाद क्षेत्रवासियों की निगाहें आईटीसी के नए प्रबंधन पर टिकी हैं। आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट लिमिटेड के साथ हुए समझौते के तहत आईटीसी ने करीब 3498 करोड़ रुपये में सेंचुरी पल्प एंड पेपर का अधिग्रहण किया है। भूमि और लीज हस्तांतरण समेत विभिन्न औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मिल अब आईटीसी के अधीन आ गई है।
क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि नए प्रबंधन के साथ मिल में आधुनिक तकनीक और नए निवेश को बढ़ावा मिलेगा। उत्पादन क्षमता में वृद्धि के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं। इसका लाभ स्थानीय बाजार और छोटे कारोबारियों को मिलने की उम्मीद है।
सेंचुरी के साथ चार दशक से जुड़ी यादों के बीच अब लालकुआं के लोग आईटीसी से नई उम्मीद लगाए हुए हैं। लोगों की अपेक्षा है कि नई कंपनी सेंचुरी की पुरानी औद्योगिक विरासत और अनुभव को आगे बढ़ाते हुए मिल को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
सेंचुरी का नाम भले ही अब नए बोर्ड के पीछे चला गया हो, लेकिन लालकुआं की स्मृतियों में उसकी चार दशक लंबी कहानी हमेशा दर्ज रहेगी।

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