








114 राफेल पर मुहर, मैक्रों दौरे में 3.25 लाख करोड़ की मेगा डील संभव!
मेक इन इंडिया के तहत भारत में बनेंगे लड़ाकू विमान, वायुसेना की ताकत होगी दोगुनी!
नई दिल्ली । भारत की रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस रक्षा सौदे की अनुमानित कीमत करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये बताई जा रही है। प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति के लिए कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) के पास भेजा जाएगा।
सूत्रों के अनुसार फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के 17 से 20 फरवरी के भारत दौरे के दौरान इस डील पर अंतिम सहमति बन सकती है। रक्षा मंत्रालय का कहना है कि नए राफेल विमानों के शामिल होने से वायु रक्षा क्षमता मजबूत होगी और सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनाती अधिक प्रभावी हो सकेगी।
वायुसेना की जरूरत पूरी होगी!
भारतीय वायुसेना ने सितंबर 2025 में 114 अतिरिक्त राफेल जेट की मांग रक्षा मंत्रालय को भेजी थी। वायुसेना के पास पहले से 36 राफेल विमान हैं, जबकि नौसेना ने 26 मरीन वेरिएंट का ऑर्डर दिया है। अंबाला एयरबेस पर राफेल के लिए ट्रेनिंग और MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) सेंटर पहले से चालू है। शुरुआती चरण में दो स्क्वाड्रन (36–38 विमान) शामिल करने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशिक्षित स्टाफ मौजूद है।
मेक इन इंडिया को बढ़ावा!
यह सौदा ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत किया जाएगा। फ्रांस की विमान निर्माता कंपनी डसॉल्ट एविएशन एक भारतीय कंपनी के साथ मिलकर भारत में राफेल विमानों का निर्माण करेगी। सभी 114 विमानों में भारतीय हथियार, मिसाइल और गोला-बारूद का इंटीग्रेशन किया जाएगा। साथ ही सुरक्षित डेटा लिंक की सुविधा दी जाएगी, जिससे विमानों को भारतीय रडार और सेंसर सिस्टम से जोड़ा जा सकेगा।
रक्षा बजट में बड़ा इजाफा!
केंद्रीय बजट 2026–27 में रक्षा मंत्रालय को 7.8 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो कुल बजट का 14.67 प्रतिशत है। आधुनिकीकरण के लिए तय 2.19 लाख करोड़ रुपये में से 1.85 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत खरीद पर खर्च होंगे, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में लगभग 24 प्रतिशत अधिक है।
अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी!
रक्षा अधिग्रहण परिषद ने कॉम्बैट मिसाइलों और एयर-शिप बेस्ड हाई एल्टीट्यूड स्यूडो-सैटेलाइट्स के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है। इन सभी सौदों की कुल अनुमानित लागत करीब 3.60 लाख करोड़ रुपये बताई जा रही है।
