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ज्योलिकोट में जलजनित बीमारी का खतरा, स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी!

  • 380 लोगों की जांच, 72 ब्लड व सात पानी के सैंपल लिए; सचल चिकित्सा वाहन तैनात, विशेषज्ञ डॉक्टर संभालेंगे ओपीडी!

नैनीताल, 10 सितंबर। ज्योलिकोट क्षेत्र में दूषित पानी से बीमारियों की आशंका के बीच स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच का दायरा बढ़ा दिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत के निर्देश पर स्वास्थ्य टीमें प्रभावित इलाकों में घर-घर सर्वे, स्वास्थ्य परीक्षण और दवाओं के वितरण में जुटी हैं। गुरुवार को अकेले ज्योलिकोट में 105 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जबकि 72 ब्लड सैंपल और पानी के सात नमूने जांच के लिए लिए गए।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में लगाए गए शिविरों के जरिए गांजा, वीरभट्टी, बेलवाखान, सरियाताल, ज्योलिकोट और भल्यूटी-चोपड़ा में कुल 380 लोगों की जांच की गई। जरूरत के अनुसार मरीजों को दवाएं, ओआरएस, जिंक और क्लोरीन की गोलियां वितरित की गईं। लोगों को जलजनित रोगों से बचाव और स्वच्छता को लेकर भी जागरूक किया गया।

अब घर के करीब मिलेगी स्वास्थ्य सुविधा!

स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने ज्योलिकोट क्षेत्र में सचल चिकित्सा वाहन तैनात कर दिया है। वाहन के माध्यम से लोगों को घर के नजदीक स्वास्थ्य परीक्षण, आवश्यक जांच, दवाएं और चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में ओपीडी की पर्ची निःशुल्क कर दी गई है।

क्षेत्रवासियों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की गई है। गुरुवार को नीलकंठ हॉस्पिटल की डॉ. मेघा रखोलिया और डॉ. सलीम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में मरीजों की जांच की। शुक्रवार को बृजलाल हॉस्पिटल हल्द्वानी की गैस्ट्रोलॉजिस्ट डॉ. श्रेया नेगी और साईं हॉस्पिटल हल्द्वानी के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहन सती ओपीडी में मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श देंगे।

ज्योलिकोट पहुंचीं सीएमओ, बोलीं—घबराने की जरूरत नहीं!

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर स्थानीय लोगों से मुलाकात की और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग ने टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर सर्वे, स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक दवाओं का वितरण लगातार जारी रखने के निर्देश दिए हैं।

आयुष्मान मरीजों की परेशानी पर सीएमओ से सीधे संपर्क!

स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान योजना के तहत इलाज कराने वाले मरीजों के लिए भी स्पष्ट व्यवस्था की है। सीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने कहा कि सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार के दौरान यदि किसी मरीज को किसी भी प्रकार की परेशानी आती है तो वह सीधे मुख्य चिकित्सा अधिकारी से संपर्क कर सकता है। विभाग की ओर से मरीज को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

सीएमओ की अपील—पानी उबालकर ही पिएं!

जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए सीएमओ ने लोगों से पानी अच्छी तरह उबालकर पीने, स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने और स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी सावधानियों का पालन करने की अपील की है। किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या मौके पर मौजूद स्वास्थ्य टीम से संपर्क करने को कहा गया है।

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