

पंतनगर किसान मेले में सड़क पर अतिक्रमण का आरोप, स्टॉल धारक ने निदेशक से लगाई कार्रवाई की गुहार!
हिमालय कृषक उत्पादक संगठन ने कहा—दोनों तरफ सड़क वाले स्टॉल के सामने पड़ोसी ने बढ़ाया कब्जा, स्थलीय निरीक्षण की मांग!
पंतनगर। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में आयोजित किसान मेले में स्टॉल आवंटन और सड़क पर कथित अतिक्रमण को लेकर विवाद सामने आया है। हिमालय कृषक उत्पादक संगठन सहकारी समिति लिमिटेड ने विश्वविद्यालय प्रशासन से शिकायत करते हुए पड़ोसी स्टॉल धारक पर सड़क की जगह में अतिक्रमण कर स्टॉल लगाने का आरोप लगाया है।
संगठन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनित पांडे और अध्यक्ष मोहन लोगाली की ओर से 3 अक्टूबर 2026 को विश्वविद्यालय के निदेशक को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि संगठन ने 26 सितंबर को स्टॉल रसीद संख्या-100 बुक कराई थी। शिकायत के मुताबिक आवंटित स्टॉल के दोनों ओर सड़क थी, लेकिन बगल के स्टॉल धारक ने कथित तौर पर सड़क की जगह में अपना स्टॉल बढ़ा दिया है।
‘सड़क पर अतिक्रमण से प्रभावित हो रहा स्टॉल’
संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मामले का स्थलीय निरीक्षण कराने और मौके की वास्तविक स्थिति की जांच कर उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। पत्र में इस बात पर जोर दिया गया है कि आवंटित स्टॉल के आसपास की सड़क की जगह को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि स्टॉल धारकों के बीच विवाद का समाधान हो सके।
मामला ऐसे समय सामने आया है जब पंतनगर में किसान मेला किसानों, कृषि उद्यमियों और विभिन्न संस्थाओं के लिए प्रमुख मंच बना हुआ है। ऐसे में स्टॉल क्षेत्र में आवागमन के लिए निर्धारित सड़क और सार्वजनिक स्थान पर कब्जे के आरोप ने व्यवस्था और निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
राज्यपाल और कुलपति को भी भेजी शिकायत
शिकायत की प्रतिलिपि उत्तराखंड के राज्यपाल और पंतनगर विश्वविद्यालय के कुलपति को भी ईमेल के माध्यम से भेजी गई है। इससे साफ है कि शिकायतकर्ता संगठन मामले को विश्वविद्यालय प्रशासन के स्तर पर गंभीरता से उठाना चाहता है।
अब सवाल यह है कि क्या वास्तव में निर्धारित सड़क क्षेत्र में स्टॉल का विस्तार किया गया है? यदि ऐसा है तो मेले में स्टॉल आवंटन के दौरान तय मानकों और रास्तों की निगरानी कौन कर रहा है? शिकायत पर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा मौके का निरीक्षण कर स्थिति स्पष्ट करने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
दर्पण न्यूज 24/7 इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।
