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मालिश के दौरान हल्द्वानी के कथित पहलवान ने चटकाई गर्दन, इसके बाद बिगड़ी मीनाक्षी की हालत, मौत से मचा हड़कंप!

गर्दन के दर्द का इलाज कराने पहुंची थी 24 वर्षीय महिला, परिजनों ने कथित झोलाछाप पर लगाया गंभीर आरोप, बेस अस्पताल में मृत अवस्था में पहुंची थी मीनाक्षी!

हल्द्वानी, 3 अक्टूबर 2026।

दमुवादूंगा क्षेत्र में 24 वर्षीय मीनाक्षी की मौत के मामले में परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि गर्दन के दर्द की शिकायत के चलते मीनाक्षी कालाढूंगी रोड, गुरुद्वारे के समीप स्थित एक पहलवान के पास मालिश कराने पहुंची थी। आरोप है कि मालिश के दौरान पहलवान ने उसकी गर्दन को जोर से चटकाया, जिसके बाद उसकी हालत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।

मीनाक्षी की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजन उसे तत्काल बेस अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने उसे ब्रॉट डेड यानी मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया बताया।

जानकारी के अनुसार मूल रूप से पिथौरागढ़ निवासी मीनाक्षी वर्तमान में अपने पति रामचंद्र के साथ दमुवादूंगा में रहती थी। बताया गया है कि वह पिछले कई महीनों से गर्दन के दर्द से परेशान थी और करीब चार-पांच महीने से सुशीला तिवारी अस्पताल में उसका उपचार भी चल रहा था।

परिजनों के मुताबिक लोगों की सलाह पर रामचंद्र अपनी पत्नी को कालाढूंगी रोड स्थित नईम पहलवान के पास गर्दन की मालिश कराने लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि मालिश के दौरान गर्दन को जोर से चटकाए जाने के बाद मीनाक्षी की तबीयत बिगड़ गई।

हालांकि, मौत का वास्तविक चिकित्सकीय कारण क्या था और गर्दन चटकाने का मौत से सीधा संबंध था या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

मीनाक्षी की हालत बिगड़ने के बाद परिजन उसे आनन-फानन में बेस अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकीय जानकारी के अनुसार अस्पताल पहुंचने पर मीनाक्षी को ब्रॉट डेड बताया गया।

मृतका अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गई है। अचानक हुई मौत से परिवार गहरे सदमे में है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने भी मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है और परिजनों से पूछताछ कर घटना के तथ्यों को खंगाला जा रहा है।

मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने भी इसका संज्ञान लिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी नैनीताल डॉ. रश्मि पंत और अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी हल्द्वानी डॉ. रजत भट्ट के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम कालाढूंगी रोड, गुरुद्वारे के समीप स्थित संबंधित दुकान पर पहुंची। टीम ने दुकान का निरीक्षण किया, लेकिन मौके पर दुकान बंद मिली।

इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम बेस चिकित्सालय पहुंची और मीनाक्षी से संबंधित चिकित्सकीय जानकारी प्राप्त की। अस्पताल की ओर से उसे मृत अवस्था में लाए जाने की जानकारी दी गई।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तथ्यात्मक जानकारी जुटाने और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

सीएमओ ने जनपद में बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता के उपचार करने वाले व्यक्तियों तथा अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं।

घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी उठ रहा है। यदि कोई व्यक्ति बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता के लोगों की गर्दन जैसी संवेदनशील समस्या का उपचार या मालिश कर रहा है, तो उसकी गतिविधियों की जानकारी विभाग को पहले क्यों नहीं हुई?

क्या ऐसे कथित झोलाछापों की निगरानी सिर्फ किसी मरीज की मौत या गंभीर घटना के बाद ही होती है?

मीनाक्षी की मौत की वास्तविक वजह जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी, लेकिन इस घटना ने अनधिकृत उपचार के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था को भी सवालों के घेरे में ला दिया है।

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