समाजसेवी शुभम अंडोला की पहल का असर, हेमंत मेहरा ने थामा हादसा पीड़ित परिवार के बच्चे का हाथ
₹11 हजार की आर्थिक मदद के साथ पांच साल तक पढ़ाई का खर्च उठाने का लिया संकल्प, हर माह देंगे ₹3 हजार।
हल्द्वानी। गोलापार हादसे में अपना सब कुछ गंवाने वाले परिवार की मदद के लिए शुरू की गई सामाजिक पहल अब धीरे-धीरे रंग लाने लगी है। संकट की इस घड़ी में मदद के लिए आगे आ रहे लोगों ने साबित कर दिया है कि मानवता आज भी जिंदा है। इसी क्रम में मूल रूप से रानीखेत निवासी और वर्तमान में हल्द्वानी आईटीओ ऑफिस रोड निवासी हेमंत मेहरा ने पीड़ित परिवार को ₹11 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान करने के साथ ही परिवार के एक बच्चे की पांच वर्षों तक पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने का संकल्प लिया है।
हेमंत मेहरा ने बच्चे की शिक्षा के लिए हर माह ₹3 हजार देने का भी वादा किया है। उनका यह सहयोग महज आर्थिक मदद नहीं, बल्कि हादसे से प्रभावित परिवार के बच्चे के भविष्य को संवारने की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है।
गोलापार हादसे के बाद परिवार की मदद के लिए सामाजिक कार्यकर्ता शुभम अंडोला की ओर से मदद की मुहिम शुरू की गई थी। मुहिम का उद्देश्य जरूरतमंद परिवार को संकट की इस घड़ी में आर्थिक और सामाजिक संबल प्रदान करना था। शुभम अंडोला की इस पहल से प्रेरित होकर लगातार लोग मदद के लिए आगे आ रहे हैं। हेमंत मेहरा का सहयोग इसी मुहिम की एक महत्वपूर्ण कड़ी बन गया है।
हेमंत मेहरा ने कहा कि किसी जरूरतमंद परिवार की मदद करना केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि इंसानियत का फर्ज भी है। बच्चे की पढ़ाई किसी भी परिस्थिति में बाधित न हो, इसी भावना से उन्होंने पांच साल तक उसकी शिक्षा का खर्च उठाने का निर्णय लिया है।
वहीं, शुभम अंडोला ने हेमंत मेहरा के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उनकी यह पहल समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि यदि सक्षम लोग अपने आसपास के किसी एक जरूरतमंद परिवार का हाथ थाम लें तो मुश्किल समय में कोई भी परिवार खुद को अकेला महसूस नहीं करेगा।
गोलापार हादसे के पीड़ित परिवार की मदद के लिए शुरू हुई यह मुहिम अब संवेदनशील लोगों के सहयोग से एक नई उम्मीद में बदलती नजर आ रही है। आर्थिक सहायता के साथ बच्चे की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाने का संकल्प यह संदेश भी दे रहा है कि विपदा के समय समाज यदि एकजुट होकर आगे आए तो किसी परिवार के जीवन में फिर से उम्मीद की रोशनी जगाई जा सकती है।
