दर्पण न्यूज 24×7 विशेष रिपोर्ट
एलयूसीसी ठगी कांड : प्रदेशभर के गरीबों की 100 करोड़ की खून-पसीने की कमाई हड़प गई कंपनी, हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई जांच जारी
देहरादून। लोनी अर्बन मल्टी क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसायटी (एलयूसीसी) द्वारा की गई करीब 100 करोड़ रुपए की विशाल ठगी का खुलासा उत्तराखंड पुलिस की जांच में हुआ है। हैरानी की बात यह है कि जिस कंपनी ने प्रदेशभर के गरीबों, दिहाड़ी मजदूरी करने वाली महिलाओं और गृहिणियों को लालच देकर जमा योजनाओं में फंसाया, उसके तानाबाना का जाल उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, हिमाचल और कई अन्य राज्यों तक फैला हुआ था।
कंपनी का मास्टरमाइंड नवी मुंबई निवासी समीर अग्रवाल बताया गया है। पुलिस ने धोखाधड़ी के साथ-साथ बड्स एक्ट (Banning of Unregulated Deposit Schemes Act) के तहत कार्रवाई करते हुए सभी मामलों को विशेष अदालत में चलाया।
🔴 हाईकोर्ट के आदेश पर अब सीबीआई जांच
मार्च 2025 में ऋषिकेश निवासी एक व्यक्ति की पीआईएल और उसके बाद दायर एक अन्य पीआईएल पर सुनवाई करते हुए उत्तराखंड हाईकोर्ट ने 17 सितंबर 2025 को पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच के आदेश दिए। तब से यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में है।
🔴 सड़क पर उतरे पीड़ित, कई महीनों तक प्रदर्शन
एलयूसीसी की ठगी के खिलाफ महिलाओं ने इस साल मार्च से आंदोलन शुरू किया।
- पहले कोर्ट परिसर में प्रदर्शन
- फिर सड़कों पर उतरकर विरोध
- सितंबर में राजभवन कूच
लगातार विरोध के बाद ही मामले ने रफ्तार पकड़ी।
⚫ इनके खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर, सभी पर चार्जशीट दाखिल
राज्य के देवप्रयाग, घनसाली, कोटद्वार, पौड़ी, श्रीनगर, ऋषिकेश, देहरादून के पटेलनगर, उत्तरकाशी, चंबा और नई टिहरी थानों में वर्ष 2024–25 के बीच कुल 10 एफआईआर दर्ज हुईं।
सभी मामलों में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है।
🟥 मुख्य आरोपी और उनकी भूमिका
1. कंपनी का मालिक
- समीर अग्रवाल, निवासी ब्लॉसम, घनसोली, नवी मुंबई (मुख्य सरगना)
2. शीर्ष प्रबंधन
- दिनेश सिंह, चेयरमैन, निवासी लोनी, गाजियाबाद
- आरके शेट्टी, दादर वेस्ट, मुंबई
- संजय मुद्गिल, ऊना, हिमाचल
- उत्तम कुमार सिंह राजपूत, फिरोजाबाद—यूपी
- माया राजपूत, यूपी
- शबाब हुसैन रिज़वी, जालौन—यूपी
- अन्य कई पदाधिकारी व मैनेजर
3. ब्रांड एंबेसडर
- श्रेयस तलपड़े (अभिनेता)
- आलोक नाथ (अभिनेता)
(दोनों पर प्रचार के जरिए ठगी में सहयोग का आरोप)
4. उत्तराखंड में सक्रिय नेटवर्क
ऋषिकेश, पौड़ी, श्रीनगर, जोशीमठ, डाकपत्थर, रानीपोखरी, कोटद्वार, चंबा, नई टिहरी आदि क्षेत्रों से जुड़े लगभग 40 से अधिक नाम सामने आए। इनमें शामिल हैं:
- गिरीश चंद सिंह बिष्ट
- उर्मिला बिष्ट
- जगमोहन बिष्ट
- शिवानी
- अनिता नेगी
- विनीता भट्ट
- तरुण मौर्य
- बिमला सक्सेना
- शैलेन्द्र (ब्रांच मैनेजर, जोशीमठ)
- ममता भंडारी (ब्रांच मैनेजर, श्रीनगर)
- प्रज्ञा रावत
- सोनिया रावत
- हरेंद्र सिंह
- प्रकाश भंडारी
- संगीता राणा
- विजेंद्र पुष्पवान
- शुभम ममगाईं
- हिमांशु शर्मा
- तथा कई अन्य स्थानीय संचालक व एजेंट
🔴 कैसे हुआ करोड़ों का घोटाला?
एलयूसीसी ने गरीब महिलाओं और आम लोगों को ऊंचे ब्याज का लालच देकर जमा योजनाओं में पैसा लगवाया।
इसके बाद धीरे-धीरे
- शाखाएं बंद
- फोन बंद
- ऑफिस गायब
- पैसा लौटाना बंद
लोगों ने जब शिकायतें कीं तो घोटाले का पूरा नेटवर्क सामने आया।
🔴 सरकार और पुलिस की भूमिका
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस मुख्यालय ने निरंतर निगरानी रखी।
बड्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर
- बड़ी संख्या में दस्तावेज जब्त
- संदिग्धों की गिरफ्तारी
- संपत्ति की जांच
जैसी कार्रवाई की गई।
🔥 अब पीड़ितों को न्याय की उम्मीद
सीबीआई जांच शुरू होने के बाद लोगों को उम्मीद जगी है कि
- हड़पे गए करोड़ों रुपए की रिकवरी
- मुख्य आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई
- पीड़ितों को न्याय
जैसे कदम जल्द उठाए जाएंगे।
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