वैश्विक बाजार में धाक जमाएंगे उत्तराखंड के हर्बल उत्पाद!
एफटीए से आयुष उद्योग को मिलेगा नया बाजार, निर्यात बढ़ाने पर जोर!
दर्पण न्यूज ब्यूरो, देहरादून।
उत्तराखंड के आयुष एवं हर्बल उत्पादों को जल्द ही वैश्विक बाजार में नई पहचान मिलने जा रही है। मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के जरिए राज्य के हर्बल और आयुष उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने की दिशा में केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है।
मंगलवार को सगंध पौधा केंद्र, सेलाकुई में भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय ने आयुष मंत्रालय और आयुष निर्यात संवर्धन परिषद (आयुशेक्सिल) के सहयोग से क्षेत्रीय आउटरीच कार्यक्रम एवं प्रेस वार्ता का आयोजन किया। कार्यक्रम का विषय था— “आयुष एवं हर्बल क्षेत्र के लिए एफटीए का लाभ और उत्तराखंड के लिए अवसर”।
कार्यक्रम में निर्यातकों, निर्माताओं, एमएसएमई, स्टार्टअप्स, उद्योग प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों को भारत के मुक्त व्यापार समझौतों से मिलने वाले अवसरों तथा वैश्विक स्तर पर बढ़ती आयुष उत्पादों की मांग की जानकारी दी गई।
आयुष मंत्रालय के संयुक्त सलाहकार देवाशीष पांडा ने कहा कि नीतिगत सुधारों, गुणवत्ता मानकों को मजबूत करने और भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल रही मान्यता के कारण आयुष क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि निवारक स्वास्थ्य देखभाल और वेलनेस के प्रति बढ़ती वैश्विक रुचि भारतीय आयुष उत्पादों के लिए नए बाजार खोल रही है।
वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव अमित वर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले एक दशक में व्यापार सुगमता, डिजिटल परिवर्तन और निर्यात प्रोत्साहन के लिए कई सुधार किए हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप भारत का निर्यात रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा है। उन्होंने बताया कि आयुष क्षेत्र को सरकार ने प्राथमिकता वाले निर्यात क्षेत्रों में शामिल किया है, जिससे व्यापार, रोजगार और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
कार्यक्रम में आयुशेक्सिल की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया। बताया गया कि परिषद बाजार संबंधी जानकारी, क्षमता विकास, अंतरराष्ट्रीय खरीदार-विक्रेता बैठकें, नियामकीय अनुपालन और वैश्विक आउटरीच कार्यक्रमों के माध्यम से आयुष एवं हर्बल उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दे रही है।
उत्तराखंड की जैव विविधता और औषधीय पौधों की समृद्ध विरासत को देखते हुए विशेषज्ञों ने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में राज्य के हर्बल उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत पहचान स्थापित करेंगे।
