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मुख्यमंत्री के दावों की पोल: सातताल में आबादी के बीच बेखौफ बाघ, वीडियो वायरल; ग्रामीण घरों में कैद!

दर्पण न्यूज 24/7 के लिए ब्यूरोचीफ प्रमोद बमेटा की रिपोर्ट!
नैनीताल। उत्तराखंड में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर मुख्यमंत्री के तमाम दावों के बावजूद जमीनी हकीकत इससे उलट नजर आ रही है। नैनीताल के प्रसिद्ध पर्यटन क्षेत्र सातताल और आसपास के गांवों में बाघों की लगातार मौजूदगी ने ग्रामीणों में दहशत फैला दी है। हालात ऐसे हैं कि बाघ अब आबादी के बीच बेखौफ घूमते दिखाई दे रहे हैं, जबकि जिम्मेदार विभाग अब तक ठोस कार्रवाई करता नजर नहीं आ रहा।

ताजा मामले में सुबह के समय आबादी के पास बाघ की चहलकदमी का वीडियो सामने आया है, जिसे स्थानीय लोगों ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो वायरल होते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। स्थानीय निवासी विक्रम कंडारी के मुताबिक, यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी एक साथ तीन बाघों को क्षेत्र में घूमते देखा जा चुका है, जिससे ग्रामीणों के साथ-साथ पर्यटकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

बाघों की सक्रियता के चलते ग्रामीणों ने घर से बाहर निकलना तक कम कर दिया है। बच्चों और बुजुर्गों को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार सूचना देने के बावजूद वन विभाग की कार्रवाई सिर्फ सलाह तक सीमित है। लोगों की मांग है कि क्षेत्र में तत्काल गश्त बढ़ाई जाए, पिंजरे लगाए जाएं या बाघों को सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ा जाए।

वन विभाग का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने अंधेरे में अकेले बाहर न निकलने और बच्चों पर विशेष नजर रखने की अपील की है। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता

मानव-वन्यजीव संघर्ष पर सरकार के दावों के बीच सातताल की यह स्थिति जिम्मेदारों की उदासीनता को उजागर करती है।

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