मकर संक्रांति पर्व पर गायत्री शक्तिपीठ में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ढाई सौ से अधिक संस्कार संपन्न!

दर्पण न्यूज 24/7
हल्दूचौड़।
मकर संक्रांति के अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ में भक्ति, आस्था और आध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा और दिनभर वैदिक अनुष्ठानों, हवन, पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन से वातावरण गुंजायमान रहा। इस पुण्य अवसर पर जनेऊ (उपनयन), मुंडन और कर्णभेदन सहित ढाई सौ से अधिक धार्मिक संस्कार शुद्ध वैदिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराए गए। बड़ी संख्या में पहुंचे परिवारों ने अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य, सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति की कामना की।
आचार्य राजेंद्र तिवारी और नारायण दत्त शर्मा सहित वरिष्ठ आचार्यों ने पूरे विधि-विधान के साथ अनुष्ठान संपन्न कराए। इस दौरान पूरे परिसर में अनुशासन, सेवा और व्यवस्थाओं का उत्कृष्ट समन्वय देखने को मिला। प्रवेश द्वार पर स्वागत एवं सुरक्षा से लेकर संस्कारशाला प्रबंधन, जनेऊ सेट, ब्रह्म भोज साहित्य काउंटर, गर्म पानी व काढ़ा व्यवस्था, भोजनालय तथा मंच संचालन तक विभिन्न सेवाओं में स्वयंसेवक लगातार सक्रिय रहे, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
गायत्री शक्तिपीठ के प्रबंधक बसंत पांडे ने बताया कि “मकर संक्रांति आत्मिक जागरण और सकारात्मक ऊर्जा का पर्व है। यहां उमड़ा श्रद्धा का जनसैलाब लोगों की गहरी भक्ति और विश्वास का प्रतीक है। सभी संस्कार पूर्ण वैदिक परंपरा के अनुसार कराए गए, ताकि प्रत्येक परिवार तक दिव्य ऊर्जा और आध्यात्मिक शांति पहुंच सके। सुरक्षा, सफाई और सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी।”
शाम तक शक्तिपीठ भक्तिमय माहौल में डूबा रहा और श्रद्धालु आध्यात्मिक ऊर्जा, उत्साह और आनंद के साथ लौटते दिखाई दिए। इस आयोजन ने न केवल परंपराओं को पुनर्जीवित किया, बल्कि समाज में सनातन वैदिक मूल्य एवं संस्कारों के संरक्षण का सशक्त संदेश भी दिया।
