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गंगापुर कबड़वाल के हरिपुर भानदेव गांव में तारबाड़ गड़बड़ी पर सहायक कृषि अधिकारी का दौरा, कहा– “प्रभावित क्षेत्रों में नहीं लगी स्वीकृत घेरबाड़”!
दर्पण न्यूज 24/7 | लालकुआं
“स्थलीय निरीक्षण में यह स्पष्ट हुआ है कि स्वीकृत सुरक्षा तारबाड़ वास्तव में प्रभावित क्षेत्रों में नहीं लगी है। पूरे प्रकरण की जांच कराकर उच्चाधिकारियों के माध्यम से वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और जंगल से सटे गांवों में प्राथमिकता से तारबाड़ लगाई जाएगी,” — यह कहना है सहायक कृषि अधिकारी (AAO) का, जिन्होंने मंगलवार को हरिपुर भानदेव ग्राम सभा का निरीक्षण किया।
नैनीताल जिले के गंगापुर कबड़वाल से सटे हरिपुर भानदेव गांव में कृषि एवं भूमि संरक्षण विभाग द्वारा स्वीकृत सुरक्षा तारबाड़ को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोपों के बीच AAO का यह दौरा अहम माना जा रहा है। जंगल से सटे खेतों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए जिला योजना मद से स्वीकृत तारबाड़ को निर्धारित स्थल पर न लगाकर अन्यत्र लगाए जाने तथा तारबाड़ को सिरे से न लगाकर टुकड़ों टुकड़ों में अपने चहेतों को बांटे जाने का मामला उजागर हुआ है, जिससे किसानों में भारी रोष है।
शिकायतकर्ता हेमचन्द्र सनवाल, निवासी हरिपुर भानदेव, ने मुख्यमंत्री समाधान पोर्टल पर दर्ज शिकायत में आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान ललित मोहन सनवाल ने तारबाड़ जंगल के किनारे न लगाकर टुकड़ों-टुकड़ों में अपने चहेतों में बांटकर योजना के उद्देश्य को पलीता लगा दिया। अव्यवस्थित तरीके से तारबाड़ न लगाए जाने के चलते किसानों की फसलें आज भी जंगली व आवारा जानवरों की चपेट में आ रही हैं।
कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी, हल्द्वानी के अनुसार शिकायतकर्ता की उपस्थिति में पूर्व में क्षेत्रीय कार्मिकों द्वारा मौके का निरीक्षण किया गया था, जिसमें लगभग 700 मीटर तारबाड़ लगी पाई गई। ग्राम प्रधान गंगापुर कबड़वाल ने शेष 410 मीटर कार्य 10 दिनों के भीतर पूर्ण करने का आश्वासन दिया था, लेकिन शिकायतकर्ता का कहना है कि उनका क्षेत्र अब भी घेरबाड़ से वंचित है और जानवरों से लगातार फसल हानि हो रही है। सर्वे में यह भी सामने आया कि ग्राम हरिपुर भानदेव हेतु लगभग 1000 मीटर अतिरिक्त तारबाड़ की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री समाधान पोर्टल (शिकायत संख्या: CMHL-092025-11-835275, दिनांक 03 सितंबर 2025) पर शिकायत दर्ज होने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई न होने से विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इधर विभाग द्वारा हाल ही में 850 मीटर तारबाड़ उपलब्ध कराई गई है, जिसे क्षेत्र पंचायत सदस्य भुवन प्रसाद के सहयोग से गांव के पूर्वी छोर पर लगाया जा रहा है। किंतु इससे पूर्व जिला योजना मद में आई तारबाड़ को कथित तौर पर अपने चहेतों में टुकड़ों में बांटकर बंदरबांट किए जाने के आरोप हैं। सूत्रों के अनुसार कुछ लोगों ने स्वीकृत तारबाड़ अपनी निजी गौशालाओं में भी लगा रखी है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब निर्धारित स्थल के लिए स्वीकृत तारबाड़ वहां लगी ही नहीं, तो विभाग मौन क्यों है। ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा अविलंब जंगल से सटे क्षेत्र में तारबाड़ का कार्य पूर्ण कराने की मांग की है, ताकि फसलों को जंगली जानवरों से बचाया जा सके।
AAO ने मौके पर ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जंगल से सटे गांवों में प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षा तारबाड़ लगाई जाएगी, ताकि किसानों की फसलों को मवेशियों और जंगली जानवरों से बचाया जा सके।