राजाजी टाइगर रिजर्व में नन्हा गजराज बना सबका लाडला, वन विभाग की ममता में पल रहा ‘जंगल का नन्हा मेहमान’!
हरिद्वार | दर्पण न्यूज 24/7
राजाजी टाइगर रिजर्व के हाथी बाड़े में इन दिनों एक नन्हा मेहमान सबका चहेता बना हुआ है। झुंड से बिछड़ गया यह नवजात गजराज अब वन विभाग और पार्क प्रशासन की आंखों का तारा बन चुका है। वनकर्मी इसकी देखभाल किसी बच्चे की तरह कर रहे हैं और पूरे प्यार-दुलार के साथ इसे नया जीवन देने में जुटे हैं।
गश्त के दौरान मिला था ‘नन्हा मेहमान’!
इस नन्हे हाथी के मिलने की कहानी बेहद भावुक कर देने वाली है। बीती 18 जनवरी को श्यामपुर फॉरेस्ट रेंज के खारा क्षेत्र में नियमित गश्त के दौरान वनकर्मियों की नजर जंगल में पड़े इस नवजात हाथी पर पड़ी। बच्चा बेहद छोटा था और पूरी तरह से अकेला व लाचार अवस्था में मिला।
वनकर्मियों ने तुरंत उच्च अधिकारियों को सूचना दी। मौके पर अधिकारियों और पशु चिकित्सकों की टीम पहुंची और नन्हे हाथी का रेस्क्यू किया गया। काफी प्रयासों के बाद भी जब हाथी के झुंड का कोई पता नहीं चल पाया, तो सुरक्षा और बेहतर देखभाल के लिए उसे चीला रेंज स्थित एलिफेंट कैंप में शिफ्ट कर दिया गया।
हर एक घंटे में दूध, तेजी से बढ़ रहा वजन!
फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की एसडीओ पूनम कैंथोला ने बताया कि नन्हा गजराज अब तेजी से रिकवर कर रहा है। डॉक्टरों की टीम नियमित रूप से उसका स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है। अच्छी बात यह है कि उसका वजन भी लगातार बढ़ रहा है। उसे पर्याप्त मात्रा में दूध दिया जा रहा है, जिससे उसकी सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है।
वहीं एलिफेंट कैंप की इंचार्ज कंचन नौटियाल, जो साए की तरह हर वक्त इस नन्हे मेहमान के साथ रहती हैं, बताती हैं कि यह बच्चा अब वनकर्मियों के साथ काफी घुल-मिल गया है। उसे हर एक घंटे में दूध चाहिए होता है। दूध पीने के बाद वह पूरे परिसर में दौड़ता-भागता है और खेलता रहता है। उसकी मासूम हरकतें देखकर कैंप में मौजूद कर्मचारी अपनी सारी थकान भूल जाते हैं।
संरक्षण की मिसाल बना वन विभाग!
राजाजी टाइगर रिजर्व में नन्हे गजराज की देखभाल वन विभाग की संवेदनशीलता और वन्यजीव संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता की मिसाल बन रही है। उम्मीद है कि यह नन्हा मेहमान जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ होकर जंगल की दुनिया में अपनी पहचान बना सकेगा।
