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बड़े स्तर पर IPS/PPS अफसरों के तबादले, कई जिलों के कप्तान बदले!
उत्तराखण्ड शासन का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, जनहित में तत्काल प्रभाव से आदेश लागू!
दर्पण न्यूज 24/7 देहरादून !
उत्तराखण्ड शासन के गृह अनुभाग-01 ने पुलिस महकमे में बड़े स्तर पर फेरबदल करते हुए भारतीय पुलिस सेवा (IPS) व प्रान्तीय पुलिस सेवा (PPS) के कई वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले/तैनाती के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश जनहित, रिक्त पदों की पूर्ति तथा पदोन्नति के फलस्वरूप तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं। शासन के आदेश से देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर, अल्मोड़ा, बागेश्वर, चम्पावत, पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग जैसे जिलों में पुलिस नेतृत्व बदला गया है।
प्रमुख तबादलों में श्री चन्द्रशेखर आर. घोडके को पुलिस अधीक्षक, बागेश्वर से हटाकर एस.डी.आर.एफ. में पुलिस उपमहानिरीक्षक पद पर तैनात किया गया है। वहीं श्री देवेन्द्र पींचा को सतर्कता मुख्यालय में पुलिस उपमहानिरीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है।
हरिद्वार और देहरादून जैसे संवेदनशील जिलों में भी नेतृत्व में बदलाव हुआ है। श्री प्रमेन्द्र डोबाल को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, हरिद्वार तथा श्री अजय सिंह को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून की कमान सौंपी गई है। आतंकवाद रोधी व संगठित अपराधों से जुड़े मामलों को देखते हुए एस.टी.एफ. में भी बदलाव किया गया है, जहां श्री नवनीत सिंह को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एस.टी.एफ. बनाया गया है।
खुफिया तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से श्री प्रदीप कुमार राय को पुलिस अधीक्षक, अभिसूचना तथा श्री अमित श्रीवास्तव को पुलिस अधीक्षक (क्षेत्रीय), अभिसूचना, देहरादून की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सीमांत जिलों में प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण के तहत श्री अक्षय प्रहलाद कोण्डे को पुलिस अधीक्षक, रुद्रप्रयाग और श्रीमती रेखा यादव को पुलिस अधीक्षक, पिथौरागढ़ नियुक्त किया गया है।
ऊधमसिंहनगर व अल्मोड़ा में भी बदलाव करते हुए श्री मणिकान्त मिश्रा को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, ऊधमसिंहनगर तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अल्मोड़ा पद पर नई तैनाती की गई है। पीएसी एवं आईआरबी इकाइयों में भी सेनानायकों की नई तैनाती से बल की कार्यक्षमता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
शासन ने सभी स्थानान्तरित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अविलम्ब नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें और कार्यभार ग्रहण प्रमाण-पत्र पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड के माध्यम से शासन को उपलब्ध कराएं।
प्रशासनिक संदेश साफ
सरकार के इस व्यापक फेरबदल को कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने, अपराध नियंत्रण को तेज करने और संवेदनशील जिलों में प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को आगामी त्योहारों, चुनावी तैयारियों और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।