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ब्लड मून को देखने उमड़ी लोगों की भीड़, एरीज विज्ञान केंद्र से हुई चंद्र ग्रहण की लाइव स्ट्रीमिंग!
दर्पण न्यूज 24/7 ब्यूरो नैनीताल। साल के पहले चंद्र ग्रहण के दौरान मंगलवार को आसमान में दिखाई दिए ब्लड मून के अद्भुत नजारे ने लोगों को रोमांचित कर दिया। नैनीताल स्थित मनोरापीक के एरीज (आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान अनुसंधान संस्थान) के विज्ञान केंद्र में चंद्र ग्रहण को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने उत्सुकता के साथ इस खगोलीय घटना का अवलोकन किया।
कार्यक्रम के तहत वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र यादव ने ऑनलाइन व्याख्यान देते हुए चंद्र ग्रहण की वैज्ञानिक प्रक्रिया, उसके चरणों और उससे जुड़ी भ्रांतियों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह चंद्र ग्रहण भारत में भी स्पष्ट रूप से देखा गया, जिसके चलते लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।
एरीज विज्ञान केंद्र में आमजन के लिए दूरबीन के माध्यम से चंद्र ग्रहण को प्रत्यक्ष देखने की विशेष व्यवस्था की गई थी। शाम 6:12 बजे चंद्रोदय तो हुआ, लेकिन क्षितिज पर कोहरे जैसी स्थिति के कारण प्रारंभ में चंद्रमा स्पष्ट नहीं दिख सका। हालांकि कुछ समय बाद मौसम साफ होने पर लोगों ने ब्लड मून का मनमोहक दृश्य देखा।
ग्रहण के दौरान विज्ञान आधारित जागरूकता का संदेश देते हुए उपस्थित लोगों ने चाय और बिस्कुट का सेवन कर यह भी साबित किया कि ग्रहण के समय भोजन करना पूरी तरह सुरक्षित है और इससे जुड़ी पारंपरिक भ्रांतियों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।
कार्यक्रम में एरीज के शोध छात्र महादेव, नवीन, उपासना, अमित, यश, इंटर्नशिप कर रहे छात्र हर्षवर्धन एवं विवेक सहित जनसंपर्क टीम के कमल सिंह जीना और मोहित सिंह मौजूद रहे।
वैज्ञानिकों के अनुसार चंद्र ग्रहण की शुरुआत उपच्छाया से पहला स्पर्श दोपहर 2:16 बजे हुआ, जबकि प्रच्छाया से पहला स्पर्श 3:20 बजे दर्ज किया गया। ग्रहण का मुख्य चरण शाम 6:47 बजे समाप्त हुआ तथा उपच्छाया से अंतिम स्पर्श रात 7:53 बजे होने के साथ ही चंद्र ग्रहण पूर्णत: समाप्त हो गया। कुल मिलाकर यह खगोलीय घटना 3 घंटे 27 मिनट तक चली।
इस अवसर पर विज्ञान प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों ने खगोलीय घटनाओं के प्रति बढ़ती जागरूकता और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने की सराहना की।

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