पश्चिम एशिया में युद्ध भड़का: इजराइल के लेबनान पर भीषण हमले, ईरानी ड्रोन से बहरीन के जल संयंत्र को नुकसान!
दुबई। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध नौवें दिन और भी उग्र हो गया। रविवार तड़के इजराइल ने दक्षिणी लेबनान पर भीषण हवाई हमले किए, जबकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई में खाड़ी देशों की ओर मिसाइल और ड्रोन दागे। इस बीच ईरानी ड्रोन हमले से बहरीन के एक महत्वपूर्ण विलवणीकरण (खारे पानी को पीने योग्य बनाने) संयंत्र को नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई है, जिससे पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने चेतावनी दी है कि युद्ध के अगले चरण में कई “आश्चर्यजनक कदम” उठाए जाएंगे। वहीं बहरीन ने पुष्टि की कि ईरानी ड्रोन हमले से उसके जल विलवणीकरण संयंत्र को क्षति पहुंची है। यह पहली बार है जब किसी अरब देश ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि ईरान ने ऐसे जल संयंत्र को निशाना बनाया है।
पानी पर संकट का खतरा
फारस की खाड़ी के तट पर सैकड़ों विलवणीकरण संयंत्र स्थित हैं और खाड़ी के कई अरब देश पीने के पानी के लिए इन संयंत्रों पर भारी रूप से निर्भर हैं। ऐसे में इन संयंत्रों पर हमला क्षेत्र के लिए गंभीर जल संकट पैदा कर सकता है।
लेबनान में मौतों का आंकड़ा बढ़ा
लेबनान में ताजा हमलों में 12 और लोगों की मौत हो गई, जिससे वहां मृतकों की संख्या बढ़कर 300 के पार पहुंच गई है। इजराइली सेना का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान समर्थित बलों को खत्म करने के लिए की गई है। इससे पहले इजराइल ने लेबनान के बड़े हिस्से को खाली करने का आदेश भी दिया था।
तेहरान में तेल भंडारण केंद्र पर हमला
इजराइल ने ईरान की राजधानी तेहरान में एक ईंधन भंडारण केंद्र पर भी हमला किया, जिसके बाद वहां आग की ऊंची लपटें उठती देखी गईं। माना जा रहा है कि युद्ध में पहली बार किसी बड़े असैन्य औद्योगिक प्रतिष्ठान को निशाना बनाया गया है।
ईरान ने खाड़ी देशों पर दागीं मिसाइलें
ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई तेज करते हुए खाड़ी क्षेत्र के कई देशों की दिशा में मिसाइल और ड्रोन दागे। इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने पड़ोसी देशों पर हुए हमलों के लिए खेद जताया, लेकिन अमेरिका और इजराइल पर क्षेत्र में तनाव भड़काने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी दादागिरी या अतिक्रमण के आगे झुकने वाला नहीं है।
ट्रंप की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सोशल मीडिया पर चेतावनी दी कि युद्ध के दौरान और भी ईरानी अधिकारी निशाने पर आ सकते हैं।
हजारों की जान गई
अधिकारियों के अनुसार इस युद्ध में अब तक
ईरान में 1,230 से अधिक लोग
लेबनान में 290 से अधिक लोग
इजराइल में 11 लोग
मारे जा चुके हैं, जबकि छह अमेरिकी सैनिकों की भी मौत हो चुकी है।
लगातार बढ़ते इस संघर्ष से वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल मच गई है, हवाई यात्राएं प्रभावित हो रही हैं और पूरे पश्चिम एशिया में बड़े क्षेत्रीय युद्ध का खतरा गहरा गया है।
