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ईरान युद्ध पर हाई अलर्ट: पीएम मोदी आज सभी मुख्यमंत्रियों से करेंगे संवाद, ‘टीम इंडिया’ की तरह काम करने का आह्वान!
नई दिल्ली। मध्य पूर्व में जारी तनाव को लेकर देश में सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (27 मार्च) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ अहम बैठक करेंगे। इस बैठक में ईरान से जुड़े युद्ध के हालात और उसके भारत पर संभावित असर पर चर्चा होने की संभावना है।
प्रधानमंत्री ने पहले ही संकेत दे दिए हैं कि आने वाला समय देश के लिए “परीक्षा की घड़ी” हो सकता है। उन्होंने राज्यों से अपील की है कि केंद्र और राज्य मिलकर “टीम इंडिया” की भावना से काम करें, ताकि किसी भी संकट का मजबूती से सामना किया जा सके।
रक्षा मंत्रालय में 2 घंटे मंथन!
इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मिडिल ईस्ट के हालात पर करीब 2 घंटे तक उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसमें सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक असर जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा की गई।
तेल-गैस सप्लाई पर संकट के संकेत!
ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच जारी युद्ध का आज 27वां दिन है। इस संघर्ष का सबसे बड़ा असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहा है।
भारत अपनी जरूरत का करीब 50% कच्चा तेल और 54% एलएनजी मध्य पूर्व के रास्ते से आयात करता है।
खास तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है, इस समय सबसे संवेदनशील क्षेत्र बना हुआ है।
यह जलमार्ग लगभग 167 किमी लंबा है
दुनिया के करीब 20% पेट्रोलियम की सप्लाई यहीं से गुजरती है
युद्ध के चलते इस मार्ग की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं, जिससे तेल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
सरकार ने किल्लत की खबरों को बताया अफवाह!
केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कमी की खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार!
भारत के पास 60 दिन का पर्याप्त तेल भंडार मौजूद है
सोशल मीडिया पर चल रही किल्लत की खबरें भ्रामक और प्रोपेगेंडा हैं
इनका मकसद बाजार में पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) फैलाना है
क्या है आगे की चुनौती?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह युद्ध लंबा खिंचता है तो:
ईंधन कीमतों में उछाल संभव
सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा
दर्पण न्यूज 24/7 की अपील: अफवाहों से बचें, आधिकारिक जानकारी पर भरोसा रखें और जरूरत से ज्यादा खरीदारी से बचें।
