लोकसभा सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव ध्यान भटकाने का हथियार: कांग्रेस!
दर्पण न्यूज 24/7 नई दिल्ली। लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने आरोप लगाया कि यह कदम जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने का प्रयास है और इससे बड़े एवं अधिक आबादी वाले राज्यों को disproportionate (अधिक) लाभ मिलेगा।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मुद्दे पर भ्रामक बयान देकर जनता को गुमराह कर रहे हैं। उनका कहना है कि सीटों में 50 प्रतिशत वृद्धि से सभी राज्यों को समान लाभ होगा, लेकिन वास्तविकता इससे अलग है।
रमेश ने उदाहरण देते हुए कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश और केरल के बीच लोकसभा सीटों का अंतर 60 है, जो प्रस्ताव लागू होने पर बढ़कर 90 तक पहुंच सकता है। इसी तरह उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु के बीच का अंतर भी काफी बढ़ जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रस्ताव बड़े राज्यों को फायदा पहुंचाने वाला है, जबकि दक्षिण भारत के अलावा पंजाब, हरियाणा और पूर्वोत्तर राज्यों का सापेक्षिक प्रभाव कम हो जाएगा।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि परिसीमन के बाद क्षेत्रीय संतुलन बिगड़ सकता है। उन्होंने बताया कि पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली जैसे राज्यों के पास मिलाकर अभी करीब 40 लोकसभा सीटें हैं, जबकि अकेले उत्तर प्रदेश के पास 80 सीटें हैं।
तिवारी ने कहा कि प्रस्तावित बदलाव के बाद यह अंतर और बढ़ सकता है, जिससे गैर-हिंदी भाषी और छोटे राज्यों का राजनीतिक प्रभाव घटेगा। उन्होंने इसे संघीय ढांचे के लिए चुनौतीपूर्ण बताया।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि देश इस समय आर्थिक और विदेश नीति से जुड़े गंभीर मुद्दों का सामना कर रहा है, लेकिन सरकार का ध्यान लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ाने पर केंद्रित है। पार्टी ने मांग की कि इस तरह के बड़े फैसले व्यापक जनचर्चा और सभी पक्षों से परामर्श के बाद ही लिए जाने चाहिए।
