








रामनगर में यूकेडी का शक्ति प्रदर्शन, 2027 के लिए ‘तीसरा विकल्प’ बनने का दावा!
“हमने राज्य बनाया, हम ही संवारेंगे और बचाएंगे” — काशी सिंह ऐरी का भाजपा-कांग्रेस पर तीखा हमला!
करन तिवारी संवाददाता दर्पण न्यूज 24/7 रामनगर।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड की राजनीति में खुद को मजबूत तीसरे विकल्प के रूप में स्थापित करने की कोशिश में जुटी उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने रामनगर में दमदार शक्ति प्रदर्शन किया। पीरूमदारा क्षेत्र से निकली विशाल जिप्सी रैली ने न सिर्फ सियासी तापमान बढ़ाया, बल्कि भाजपा और कांग्रेस—दोनों राष्ट्रीय दलों पर जमकर प्रहार भी किए।
जल, जंगल, जमीन, बढ़ती बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और महंगाई जैसे ज्वलंत मुद्दों को लेकर आयोजित यह रैली ग्रामीण क्षेत्रों से होते हुए रामनगर शहर तक पहुंची। जगह-जगह ग्रामीणों ने रैली का स्वागत किया, जिससे पूरे इलाके में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी ने यूकेडी के बढ़ते जनाधार का संकेत दिया।
रैली को संबोधित करते हुए यूकेडी संरक्षक एवं पूर्व विधायक काशी सिंह ऐरी ने भाजपा और कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, “राज्य आंदोलन के शहीदों के सपनों के साथ छल हुआ है। बीते 25-26 वर्षों में दोनों दलों ने बारी-बारी से सत्ता संभाली, लेकिन उत्तराखंड को केवल लूटा गया।”
उन्होंने जोर देते हुए कहा, “हमने राज्य बनाया है, हम ही राज्य संवारेंगे और हम ही राज्य बचाएंगे।” ऐरी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है और बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है, जबकि मूलभूत मुद्दे आज भी जस के तस हैं।
इस आयोजन का नेतृत्व पार्टी नेता भुवन सत्यवली ने किया। उन्होंने कहा कि यह रैली सिर्फ शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि जनसमस्याओं को सड़क से सत्ता तक पहुंचाने का प्रयास है।
ऐरी ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर भी चिंता जताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में उत्तराखंड की करीब दो लाख करोड़ रुपये की संपत्तियां अब भी लंबित हैं, जबकि प्रदेश पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है।
70 सीटों पर लड़ने की तैयारी, गठबंधन के संकेत भी
यूकेडी ने 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति भी साफ कर दी है। ऐरी ने ऐलान किया कि पार्टी प्रदेश की सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। हालांकि, समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया गया।
पार्टी से जुड़े नेताओं के पलायन पर उन्होंने कहा कि यूकेडी ने कभी सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। “पहले भी समर्थन शर्तों पर दिया गया और वादे पूरे न होने पर वापस ले लिया गया,” उन्होंने कहा।
रैली के समापन पर नेताओं ने जनता से यूकेडी को समर्थन देने की अपील की, ताकि जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाया जा सके।
इस दौरान काशी सिंह ऐरी, भुवन सत्यवली सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की।
रामनगर की यह रैली साफ संकेत देती है कि यूकेडी 2027 चुनाव में खुद को केवल क्षेत्रीय दल नहीं, बल्कि सत्ता की दौड़ में एक गंभीर “तीसरे विकल्प” के रूप में पेश करने की रणनीति पर काम कर रही है।
