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कुमाऊं के सभी जिलों में रात्रि प्रवास करेंगे राज्यपाल, विकास कार्यों का लेंगे जायजा।
स्वयं सहायता समूहों से मिलकर बढ़ाएंगे मनोबल, सीमांत क्षेत्रों और वाइब्रेंट विलेज का भी करेंगे निरीक्षण।
मंजूल चौनाल दर्पण न्यूज 24/7 | नैनीताल।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि).गुरमीत सिंह के नैनीताल स्थित लोक भवन पहुंचने पर कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल एवं एसएसपी डा. मंजूनाथ टीसी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि कुमाऊं मंडल आगमन पर उन्हें हमेशा एक अलग खुशी और आत्मीय अनुभूति होती है। उन्होंने बताया कि इस बार नैनीताल लोक भवन प्रवास के दौरान वह कुमाऊं मंडल के सभी छह जिलों का भ्रमण करेंगे तथा प्रत्येक जिले में रात्रि प्रवास कर वहां संचालित विकास कार्यों और विभिन्न गतिविधियों की जानकारी लेंगे।
राज्यपाल ने कहा कि उनके भ्रमण कार्यक्रम में दूरस्थ सीमांत क्षेत्रों और वाइब्रेंट विलेज का निरीक्षण भी शामिल है। इस दौरान वह स्थानीय लोगों से संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को समझने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं और इन योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने जानकारी दी कि नैनीताल लोक भवन परिसर में “गवर्नर गोल्फ” आयोजन भी प्रस्तावित है। इस आयोजन में लगातार बालक-बालिकाओं की भागीदारी बढ़ रही है। विशेष रूप से बेटियों की बढ़ती सहभागिता को उन्होंने सराहनीय बताते हुए कहा कि यह प्रदेश में खेलों के प्रति बढ़ती जागरूकता का सकारात्मक संकेत है।
राज्यपाल ने कहा कि लोक भवन में “एक शाम सैनिकों के नाम” कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा, जिसके माध्यम से देश की रक्षा में योगदान देने वाले सैनिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की जाएगी।
उन्होंने कहा कि कुमाऊं मंडल प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक आस्था और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है। मंदिर माला मिशन के अंतर्गत यहां के मंदिरों और पर्यटन स्थलों का तेजी से विकास किया जा रहा है। इससे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं।
राज्यपाल ने यह भी कहा कि प्रवास के दौरान वह विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से मुलाकात कर महिलाओं और ग्रामीण उद्यमियों का उत्साहवर्धन करेंगे। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और उनके प्रयासों को प्रोत्साहित किया जाना आवश्यक है।

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