लालकुआं विधानसभा में भाजपा के लिए जिताऊ चेहरे की तलाश तेज!
कई दिग्गज मैदान में, लेकिन अभी तक नहीं बन पाया सर्वमान्य चेहरा!
डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, नवीन दुम्का, कमलेश चन्दोला, उमेश शर्मा, कमल मुनि, देवेंद्र बिष्ट, दीपेंद्र कोश्यारी के साथ ही अब भाजपा के नारी शक्ति बंदन अभियान को देखते हुए आनंदी गड़िया के नाम की चर्चाएं तेज!
प्रमोद बमेटा (लालकुआं)
उत्तराखंड की राजनीति में लालकुआं विधानसभा हमेशा से बेहद महत्वपूर्ण सीट मानी जाती रही है। 2027 विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही भाजपा के भीतर एक बार फिर जिताऊ प्रत्याशी को लेकर मंथन शुरू हो गया है। पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती ऐसा चेहरा तलाशने की है जो संगठन, कार्यकर्ताओं और आम जनता—तीनों के बीच संतुलन बनाकर कांग्रेस को सीधी टक्कर दे सके।
राजनीतिक जानकारों की मानें तो इस बार लालकुआं सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है। एक ओर सत्ता विरोधी माहौल की चर्चाएं हैं तो दूसरी ओर भाजपा संगठन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम पर मजबूत चुनावी रणनीति तैयार करने में जुटा हुआ है।
भाजपा के संभावित दावेदारों में वर्तमान विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। संगठन और सरकार दोनों में उनकी सक्रियता उन्हें मजबूत दावेदार बनाती है। वहीं पूर्व विधायक नवीन दुम्का भी क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहकर अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं। लंबे राजनीतिक अनुभव और कार्यकर्ताओं के बीच पकड़ उन्हें फिर से चर्चा में ला रही है।
समाजसेवी कमलेश चन्दोला भी कई सालों से क्षेत्र में तेजी से सक्रिय नजर आ रहे हैं। सामाजिक कार्यक्रमों और जनसंपर्क के जरिए उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है। वहीं पूर्व जिला पंचायत सदस्य उमेश शर्मा का नाम भी भाजपा के अंदरूनी समीकरणों में लगातार लिया जा रहा है। क्षेत्रीय स्तर पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें गंभीर दावेदारों की सूची में शामिल कर रही है।
इसके अलावा कमल मुनि का नाम भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश मंत्री देवेंद्र सिंह बिष्ट संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और पिछड़े वर्ग के बीच उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। वहीं कद्दावर भाजपा नेता दीपेंद्र कोश्यारी भी अपनी राजनीतिक सक्रियता के चलते दावेदारों की कतार में दिखाई दे रहे हैं।
वही राजनैतिक विश्लेषकों की माने तो इस बार भाजपा के “नारी शक्ति वंदन अभियान” का असर भी लालकुआं विधानसभा में देखने को मिल सकता है। पार्टी महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने के संदेश के साथ चुनावी रणनीति तैयार कर रही है। ऐसे में वरिष्ठ भाजपा नेत्री आनंदी गड़िया का नाम तेजी से उभरकर सामने आया है। संगठन में लंबे समय से सक्रिय आनंदी गड़िया को महिला वर्ग और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़ वाली नेता माना जाता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि भाजपा महिला चेहरे पर दांव खेलती है तो आनंदी गड़िया मुकाबले को नया मोड़ दे सकती हैं।
भाजपा की सबसे बड़ी चिंता यह है कि लालकुआं सीट पर केवल संगठन का गणित ही नहीं, बल्कि स्थानीय समीकरण भी बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में पार्टी ऐसा प्रत्याशी तलाश रही है जो पहाड़ और मैदान दोनों क्षेत्रों में समान पकड़ रखता हो तथा कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने की क्षमता रखता हो।
फिलहाल भाजपा के भीतर टिकट को लेकर चर्चाएं तेज हैं, लेकिन अंतिम फैसला संगठन की रणनीति, जातीय समीकरण, क्षेत्रीय सक्रियता और जीत की संभावनाओं को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा। आने वाले महीनों में लालकुआं विधानसभा उत्तराखंड की सबसे चर्चित सीटों में शामिल हो सकती है।
