कांग्रेस में ‘छोटी टीम-बड़ा दांव’! कुमारी सैलजा के दौरे में हो सकता है नई पीसीसी का ऐलान!
ब्यूरो रिपोर्ट: प्रमोद बमेटा | दर्पण न्यूज 24/7
देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस में लंबे समय से लंबित प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के गठन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस हाईकमान अब संगठन को नए सिरे से खड़ा करने की तैयारी में है। इसी कड़ी में प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा के 17 और 18 जून के उत्तराखंड दौरे के दौरान नई पीसीसी की घोषणा होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस इस बार “छोटी टीम, बड़ी जिम्मेदारी” के फॉर्मूले पर आगे बढ़ रही है। जहां वर्ष 2021 की कार्यकारिणी में 200 से अधिक पदाधिकारी थे, वहीं नई पीसीसी में सीमित लेकिन सक्रिय टीम को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। प्रस्तावित ढांचे में अध्यक्ष के अलावा एक कोषाध्यक्ष, आठ उपाध्यक्ष, 22 महासचिव और लगभग 40 सचिव शामिल किए जा सकते हैं।
दरअसल, 2017 विधानसभा चुनाव और उसके बाद हुए लोकसभा चुनावों में लगातार हार झेलने के बाद कांग्रेस 2027 को सत्ता में वापसी का बड़ा अवसर मान रही है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि जवाबदेही तय किए बिना संगठन को चुनावी मोड में लाना मुश्किल होगा। यही कारण है कि हाईकमान संगठन को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए छोटे लेकिन प्रभावी ढांचे पर जोर दे रहा है।
हालांकि नई कार्यकारिणी का गठन कांग्रेस नेतृत्व के लिए आसान नहीं माना जा रहा। वरिष्ठ नेताओं की ओर से विभिन्न पदों के लिए नामों की लंबी सूची भेजी गई है और सभी गुट अपने-अपने समर्थकों को जगह दिलाने की कोशिश में जुटे हैं। ऐसे में संगठनात्मक संतुलन बनाना हाईकमान के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान कुमारी सैलजा जिला और महानगर अध्यक्षों, विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों, पूर्व मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं से अलग-अलग बैठकें करेंगी। इन बैठकों में आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति, संगठन की मजबूती और जनसंपर्क अभियान को लेकर विस्तृत चर्चा होगी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि इस दौरे में नई पीसीसी का ऐलान होता है तो यह कांग्रेस के चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत मानी जाएगी। अब पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं की निगाहें सैलजा के दौरे और संभावित संगठनात्मक फेरबदल पर टिकी हुई हैं।
सियासी संदेश साफ है—2027 की लड़ाई के लिए कांग्रेस अब संगठन को नया चेहरा और नई दिशा देने की तैयारी में है।
