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धुरंधर धामी का दो टूक संदेश: “सड़क पर नहीं होगी नमाज़, कानून से ऊपर कोई नहीं”!

देहरादून। दर्पण न्यूज 24/7

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सार्वजनिक सड़कों पर नमाज़ को लेकर बड़ा और स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि देवभूमि उत्तराखंड में किसी भी कीमत पर सड़कों को धार्मिक गतिविधियों का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा। चारधाम यात्रा के बीच मुख्यमंत्री के इस सख्त रुख को सरकार का कानून-व्यवस्था और जनसुविधा के प्रति स्पष्ट स्टैंड माना जा रहा है।

सीएम धामी ने कहा कि आस्था का सम्मान सभी को है, लेकिन कानून और व्यवस्था से ऊपर कोई नहीं हो सकता। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि नमाज़ पढ़नी है तो निर्धारित स्थानों पर पढ़ी जाए, सार्वजनिक सड़कों को बाधित करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।

चारधाम यात्रा का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय देशभर से लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

धुरंधर धामी ने सख्त लहजे में कहा कि “नमाज़ पढ़ने का जो स्थान निर्धारित है, नमाज़ वहीं होनी चाहिए। व्यवस्था को बिगाड़ने का किसी को कोई अधिकार नहीं है। चारधाम यात्रा के दौरान सड़कों को धार्मिक प्रदर्शन का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा। आस्था का सम्मान सभी करें, लेकिन कानून और व्यवस्था से ऊपर कोई नहीं है।”

मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर कांग्रेस और विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग हर विषय को वोट बैंक की राजनीति के चश्मे से देखते हैं। धामी ने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति करने वालों ने वर्षों तक ऐसा किया है, लेकिन उनकी सरकार किसी भी कीमत पर तुष्टिकरण नहीं करेगी।

राजनीतिक जानकार मुख्यमंत्री के इस बयान को केवल प्रशासनिक निर्देश नहीं, बल्कि एक मजबूत राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देख रहे हैं। समान नागरिक व्यवस्था, कानून का पालन और तुष्टिकरण के खिलाफ मुखर रुख भाजपा की राजनीति का प्रमुख आधार रहा है और धामी ने एक बार फिर उसी लाइन को मजबूती से आगे बढ़ाया है।

चारधाम यात्रा के बीच आया मुख्यमंत्री का यह बयान प्रदेश की राजनीति में नई बहस को जन्म दे सकता है, लेकिन इतना तय है कि धामी ने साफ कर दिया है कि उनकी सरकार के लिए व्यवस्था, अनुशासन और कानून सर्वोपरि हैं।

 

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