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क्या थम जाएगी दुनिया की तेल सप्लाई? होर्मुज़ स्ट्रेट बंद करने के ईरानी ऐलान से मचा वैश्विक हड़कंप!

ईरान का बड़ा दावा, अमेरिका का खंडन; दुनिया के 20% तेल कारोबार पर मंडराया संकट, स्विट्ज़रलैंड वार्ता पर टिकी निगाहें!

तेहरान/वॉशिंगटन। दुनिया की अर्थव्यवस्था की धड़कन माने जाने वाले होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर ईरान के बड़े ऐलान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल पैदा कर दी है। ईरान के युद्ध संचालन केंद्र ख़ातम अल-अंबिया मुख्यालय और आईआरजीसी नौसेना ने दावा किया है कि होर्मुज़ स्ट्रेट को सभी जहाज़ों के लिए बंद कर दिया गया है। हालांकि अमेरिका ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि समुद्री मार्ग सामान्य रूप से संचालित हो रहा है।
ईरान का आरोप है कि अमेरिका और इज़राइल ने हालिया युद्धविराम समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया है। साथ ही दक्षिणी लेबनान में इज़राइली सैन्य गतिविधियों और कथित हमलों को भी इस फैसले का आधार बताया गया है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि होर्मुज़ स्ट्रेट वास्तव में बंद होता है तो इसका असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा। दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल और एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) की आपूर्ति इसी समुद्री मार्ग से होती है। ऐसे में वैश्विक तेल बाजार, ऊर्जा सुरक्षा और कई देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
दिलचस्प बात यह है कि इसी बीच 21 जून को स्विट्ज़रलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच महत्वपूर्ण वार्ता प्रस्तावित है। पाकिस्तान की मध्यस्थता में होने वाली इस बातचीत की पुष्टि ईरान के विदेश मंत्रालय और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी कर चुके हैं।
ऐसे में दुनिया की निगाहें अब दो सवालों पर टिकी हैं—क्या होर्मुज़ स्ट्रेट वास्तव में बंद होगा? और क्या स्विट्ज़रलैंड में होने वाली बातचीत मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को रोक पाएगी?
फिलहाल समुद्री व्यापार, तेल बाजार और वैश्विक कूटनीति एक ऐसे मोड़ पर खड़े हैं, जहां अगले कुछ घंटे पूरी दुनिया की दिशा तय कर सकते हैं।

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