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“फेसबुक पोस्ट से फिर गरमाई श्रेय की सियासत, कालिका मंदिर सौंदर्यीकरण पर उठे सवाल”

पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य रिंकू पाठक ने सोशल मीडिया पर रखे सवाल, विधायक और विभाग से मांगा सार्वजनिक जवाब!

दर्पण न्यूज 24/7 | हल्दूचौड़

लालकुआं विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के श्रेय को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अब ग्राम पंचायत हल्दूचौड़ दीना के जयराम स्थित माँ कालिका मंदिर के सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर नया विवाद सामने आया है। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य रिंकू पाठक ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर मंदिर सौंदर्यीकरण कार्य में खर्च हुई धनराशि और उसके स्रोत को लेकर कई सवाल उठाए हैं।

फेसबुक पोस्ट में रिंकू पाठक ने दावा किया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए पर्यटन विभाग से धनराशि उनके अनुरोध पर स्वीकृत हुई थी। उन्होंने लिखा है कि इस संबंध में सांसद अजय भट्ट द्वारा भी संबंधित विभाग को पत्र भेजा गया था तथा क्षेत्र पंचायत सदस्य रहते हुए उनके प्रस्ताव के आधार पर यह कार्य स्वीकृत हुआ।

रिंकू पाठक ने अपनी पोस्ट में यह भी उल्लेख किया है कि मंदिर परिसर में लगाए गए शिलापट्ट में कथित रूप से परिवर्तन किए जाने की जानकारी मिलने पर उन्होंने विभागीय अधिकारियों को दस्तावेज उपलब्ध कराए, जिसके बाद तथ्यात्मक स्थिति के अनुरूप आवश्यक सुधार किया गया।

उन्होंने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट और संबंधित अधिकारियों से कई सवाल पूछे हैं। इनमें विधायक निधि अथवा अन्य किसी मद से स्वीकृत धनराशि का विवरण, स्वीकृति तिथि, किए गए कार्यों का ब्योरा तथा एक ही कार्य के लिए अलग-अलग मदों से धनराशि आवंटन की प्रक्रिया को सार्वजनिक करने की मांग शामिल है।

पहले भी श्रेय को लेकर हो चुकी है सियासत

गौरतलब है कि लालकुआं विधानसभा में विकास कार्यों के श्रेय को लेकर पूर्व में भी कई बार बहस छिड़ चुकी है। हल्दूचौड़ के हनुमान मंदिर रोड पर हुए पैचवर्क कार्य को लेकर ग्राम प्रधान और विधायक समर्थकों के बीच श्रेय को लेकर चर्चाएं हुई थीं। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनने वाले पैदल पारपथ को लेकर भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश महामंत्री और विधायक के बीच भी सार्वजनिक बयान सामने आए थे। अब रिंकू पाठक की फेसबुक पोस्ट ने एक बार फिर इस बहस को हवा दे दी है।

हालांकि रिंकू पाठक द्वारा उठाए गए सवालों पर विधायक या संबंधित विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह मामला सोशल मीडिया की चर्चा से निकलकर राजनीतिक और जनचर्चा का विषय बनता जा रहा है।

फिलहाल फेसबुक पर उठे इन सवालों ने इतना तो साफ कर दिया है कि लालकुआं की राजनीति में विकास कार्यों के साथ-साथ उनके श्रेय की लड़ाई भी लगातार सुर्खियों में बनी हुई है।

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