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“इडियाकोट मल्ला को पिछड़ा क्षेत्र घोषित करो, नहीं तो बढ़ेगा पलायन और जनाक्रोश” !

देहरादून में प्रवासी बंधुओं और क्षेत्रवासियों की संयुक्त परिचर्चा, बैंक, शिक्षा, सड़क, रोजगार और जंगली जानवरों के आतंक समेत कई गंभीर मुद्दे उठाए !

देहरादून। पौड़ी गढ़वाल के इडियाकोट मल्ला क्षेत्र के समग्र विकास को लेकर शनिवार को यमुना कॉलोनी स्थित सिंचाई संघ भवन में इडियाकोट मल्ला भ्रातृ मंडल समिति, संस्कृति एवं सरोकार मंच तथा क्षेत्र से आए ग्रामीणों एवं देहरादून में रह रहे प्रवासी बंधुओं की संयुक्त परिचर्चा बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र को तत्काल पिछड़ा क्षेत्र घोषित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।

बैठक की अध्यक्षता ओ.पी. जोशी (ग्राम मजियाड़ी) ने की, जबकि संचालन बी.डी.एस. नेगी (ढूंगद्दार) ने किया। समिति के सचिव मदन सिंह नेगी, मेला समिति के अध्यक्ष बी.एस. नेगी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोगों एवं प्रवासी बंधुओं ने बैठक में भाग लिया।

मुख्य अतिथि एवं पूर्व पार्षद सुमित्रा ध्यानी ने इडियाकोट मल्ला को पिछड़ा क्षेत्र घोषित करने की मांग का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि क्षेत्र में आज भी बैंक, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, उच्च शिक्षा संस्थान, रोजगारपरक योजनाएं, कोचिंग सेंटर और बेहतर बाजार जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। कई गांव अब भी सड़क संपर्क से वंचित हैं, जिससे पलायन लगातार बढ़ रहा है।

बैठक में जंगली जानवरों, विशेषकर बाघ और भालू के बढ़ते आतंक पर भी गहरी चिंता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने कहा कि आए दिन वन्यजीव आबादी वाले क्षेत्रों में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे मानव जीवन खतरे में पड़ रहा है। सरकार से मांग की गई कि ऐसे हिंसक वन्यजीवों को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

परिचर्चा में गांवों में खंडहर बन चुके मकानों को या तो रहने योग्य बनाने अथवा समतल कराने की अपील की गई, ताकि वे जंगली जानवरों का ठिकाना न बन सकें। साथ ही क्षेत्र में बागवानी को बढ़ावा देने के लिए किसानों को विशेषज्ञ संस्थाओं के सहयोग से प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में मजियाड़ी सैण क्षेत्र में नयार नदी को जलक्रीड़ा केंद्र तथा टकोलीखाल-भैरोगढ़ी क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा गया। वक्ताओं का कहना था कि इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और पलायन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

नैनीडांडा-बिज्लोट क्षेत्र में गुलदार के हमले में हुई मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतक परिवार को तत्काल उचित मुआवजा देने की मांग भी सरकार से की गई।

बैठक के अंत में प्रवासी बंधुओं ने गांव से आए प्रतिनिधियों का स्वागत किया तथा समिति के विकास अभियानों में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि इडियाकोट मल्ला क्षेत्र की वर्षों पुरानी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया और विकास कार्यों में समान प्राथमिकता नहीं दी गई, तो भविष्य में सरकार को व्यापक जनाक्रोश का सामना करना पड़ सकता है।

उत्तराखंड