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मां महाकाली के दरबार में नतमस्तक हुए हाईकोर्ट के न्यायाधीश आलोक मेहरा, आत्मीय स्वागत से अभिभूत हुए न्यायमूर्ति!

गंगोलीहाट। आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा के अद्भुत संगम विश्व प्रसिद्ध महाकाली मंदिर, गंगोलीहाट में उस समय भक्तिमय वातावरण छा गया, जब उत्तराखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश आलोक मेहरा अपने परिवार सहित मां महाकाली के चरणों में शीश नवाने पहुंचे।

मंदिर परिसर पहुंचने पर तहसील प्रशासन एवं कोतवाली पुलिस की ओर से उनका स्वागत किया गया। वहीं मां महाकाली के अनन्य भक्त एवं श्री 108 महाकाली मंदिर समिति के अध्यक्ष हरगोविंद रावल ने पूरे आत्मीय भाव के साथ न्यायाधीश आलोक मेहरा का स्वागत किया। पारंपरिक रीति से उन्हें चुनरी ओढ़ाकर एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान मंदिर समिति के उपाध्यक्ष नीरज रावल तथा संगठन मंत्री दीपक रावल भी उपस्थित रहे।

मां के पावन दरबार में न्यायाधीश आलोक मेहरा ने अपनी धर्मपत्नी एवं परिवार के अन्य सदस्यों के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की। मंदिर के रावल पुजारी जीवन रावल ने उन्हें मां महाकाली का आशीर्वाद एवं प्रसाद प्रदान किया, जबकि पुरोहित पंकज पंत ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपूर्ण पूजन संपन्न कराया।

दर्शन के उपरांत न्यायाधीश आलोक मेहरा ने महाकाली मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए की जा रही व्यवस्थाओं, अनुशासन और विशेष रूप से मंदिर परिसर की स्वच्छता की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि मंदिर की स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था अन्य धार्मिक स्थलों के लिए भी प्रेरणास्रोत है।

उन्होंने पाताल भुवनेश्वर मंदिर की स्वच्छता व्यवस्था को भी संतोषजनक बताया, जबकि कोटगाड़ी मंदिर परिसर में फैली गंदगी पर चिंता व्यक्त करते हुए वहां स्वच्छता व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया।

महाकाली धाम में न्यायाधीश के आगमन से पूरे मंदिर परिसर का वातावरण श्रद्धा और भक्ति से ओत-प्रोत रहा। श्रद्धालुओं ने इसे मां महाकाली की विशेष कृपा का क्षण बताते हुए न्यायाधीश एवं उनके परिवार के सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

उत्तराखंड