मासूम से दुष्कर्म और हत्या के दोषी को मृत्युदंड, अदालत ने कहा— ‘दुर्लभ से दुर्लभतम’ मामला!
पुणे। महाराष्ट्र के पुणे जिले में चार वर्षीय बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के मामले में विशेष अदालत ने 65 वर्षीय दोषी भीमराव कांबले को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने इसे ‘दुर्लभ से दुर्लभतम’ श्रेणी का मामला बताते हुए कहा कि अपराध की क्रूरता और अमानवीयता समाज की अंतरात्मा को झकझोर देने वाली है।
विशेष न्यायाधीश एस.आर. सालुंखे ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने दोषी के विरुद्ध ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं। अदालत के अनुसार, आरोपी ने तीन वर्षीय मासूम को खाने का लालच और बछड़ा दिखाने का झांसा देकर अपने साथ ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया तथा बाद में मुंह दबाकर और गंभीर चोटें पहुंचाकर उसकी हत्या कर दी।
फैसला सुनाए जाने के दौरान अदालत कक्ष में मौजूद बच्ची का परिवार भावुक हो गया। अदालत ने यह भी माना कि आरोपी का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड गंभीर रहा है और उसके सुधरने की संभावना नगण्य है। न्यायाधीश ने कहा कि आरोपी की उम्र उसके पक्ष में नहीं, बल्कि उसके विरुद्ध जाती है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे अपराधियों को समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं है।
गौरतलब है कि घटना 1 मई को पुणे जिले के नसरापुर गांव में हुई थी। इस मामले में अदालत ने 60 दिनों के भीतर दोषसिद्धि और सजा सुनाकर त्वरित न्याय का उदाहरण प्रस्तुत किया।
