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“जहरीले कारोबार’ पर एसटीएफ का  बड़ा प्रहार” किच्छा में पकड़ा 108 ड्रम अवैध रासायनिक केमिकल।

देहरादून/किच्छा। उत्तराखंड में अवैध शराब और प्रतिबंधित रसायनों के नेटवर्क पर स्पेशल टास्क फोर्स  ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए ऊधमसिंह नगर के किच्छा क्षेत्र में भारी मात्रा में केमिकल का जखीरा पकड़ लिया। मुख्यमंत्री के “अपराध मुक्त उत्तराखंड” अभियान के तहत की गई इस संयुक्त कार्रवाई में एसटीएफ, आबकारी विभाग और किच्छा पुलिस ने लालपुर स्थित एक गोदाम पर छापा मारकर करीब 15,650 लीटर रासायनिक पदार्थ बरामद किए हैं।

एसटीएफ के अनुसार गोदाम से 108 भरे हुए ड्रम और 78 खाली ड्रम मिले। बरामद सामग्री में लगभग 9,050 लीटर एथेनॉल, 2,600 लीटर ग्लूकोज और 4,000 लीटर सॉर्बिटॉल शामिल हैं। मौके से टुल्लू पंप, प्लास्टिक पाइप, गेज, फ्लास्क और मापक यंत्र भी बरामद किए गए, जिससे बड़े पैमाने पर रसायनों के भंडारण और उपयोग की आशंका जताई जा रही है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह गोदाम राजकुमार खुराना पुत्र हरबंश खुराना, निवासी किच्छा द्वारा संचालित किया जा रहा था। आबकारी विभाग ने सभी रसायनों के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गोदाम को सील कर दिया गया है।

एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि एथेनॉल का उपयोग शराब निर्माण में, ग्लूकोज खाद्य उत्पादों में तथा सॉर्बिटॉल दवाइयों और कफ सिरप के निर्माण में किया जाता है। ऐसे में बिना वैध अनुमति इतनी बड़ी मात्रा में इन रसायनों का भंडारण कई गंभीर सवाल खड़े करता है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इन केमिकलों की आपूर्ति किन-किन स्थानों तक की जा रही थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

यह कार्रवाई उत्तराखंड में अवैध केमिकल सप्लाई चेन पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। एसटीएफ ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध शराब, संदिग्ध केमिकल या किसी फर्जी गतिविधि की जानकारी मिले तो तत्काल सूचना दें। सूचनाकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

अब जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि बरामद रसायनों का वास्तविक उपयोग किस उद्देश्य के लिए किया जा रहा था। यदि इनका इस्तेमाल अवैध शराब निर्माण या किसी अन्य गैरकानूनी गतिविधि में पाया जाता है, तो यह उत्तराखंड में केमिकल माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई साबित हो सकती है।

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