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“खुद को बदलें, समाज बदलेगा”: गायत्री परिवार का राष्ट्र और मानवता के नाम प्रेरक आह्वान।

प्रमोद बमेटा दर्पण न्यूज 24/7

हल्दूचौड़। “युग परिवर्तन किसी चमत्कार से नहीं, बल्कि व्यक्ति के आत्मपरिवर्तन से होता है।” इसी संदेश के साथ अखिल विश्व गायत्री परिवार ने प्रत्येक नागरिक से अपने जीवन में श्रेष्ठ विचार, श्रेष्ठ संस्कार और श्रेष्ठ आचरण अपनाने का आह्वान किया है।

गायत्री परिवार का कहना है कि आज समाज जिन चुनौतियों से जूझ रहा है—तनाव, हिंसा, नशाखोरी, पारिवारिक विघटन, नैतिक मूल्यों में गिरावट और पर्यावरण संकट—उनका स्थायी समाधान केवल कानूनों या व्यवस्थाओं से नहीं, बल्कि व्यक्ति के भीतर जागृत होने वाले सद्विचारों से संभव है।

संगठन का संदेश है कि यदि प्रत्येक व्यक्ति स्वयं को बदलने का संकल्प ले, अपने जीवन में साधना, स्वाध्याय, सेवा और यज्ञ जैसे जीवन मूल्यों को अपनाए, तो परिवार संस्कारवान बनेगा, समाज सकारात्मक होगा और राष्ट्र नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर होगा।

गायत्री परिवार ने लोगों से अपील की है कि वे केवल दर्शक न बनें, बल्कि परिवर्तन के वाहक बनें। समाज सेवा, नैतिक जीवन, पर्यावरण संरक्षण, व्यसनमुक्ति और मानवीय मूल्यों के प्रसार में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएँ। यही सच्ची आध्यात्मिकता है और यही युग निर्माण की दिशा में सबसे बड़ा योगदान है।

संगठन ने विश्वास व्यक्त किया कि जब व्यक्ति का चरित्र ऊँचा होगा, तभी समाज का भविष्य उज्ज्वल होगा। इसी विश्वास के साथ गायत्री परिवार का संदेश गूंज रहा है—

“हम बदलेंगे—युग बदलेगा, नवयुग आएगा, सत्ययुग लाएगा।”

उत्तराखंड