अधिवक्ता सुनीता भट्ट की प्रभावी पैरवी से मिली बड़ी कानूनी जीत, ₹10 लाख के इंश्योरेंस क्लेम का रास्ता हुआ साफ!
हल्द्वानी। उत्तराधिकार प्रमाणपत्र से जुड़े ₹10 लाख के बीमा (इंश्योरेंस) क्लेम मामले में जिला न्यायालय ने परिवादिता के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी करने के आदेश दिए हैं। इस सफलता का श्रेय अधिवक्ता सुनीता भट्ट की प्रभावी एवं सशक्त कानूनी पैरवी को माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, परिवादिता ने 2 फरवरी 2026 को उत्तराधिकार प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए जिला न्यायालय में वाद दायर किया था। न्यायालय ने नियमानुसार प्रतिपक्षियों को नोटिस जारी किए तथा 7 फरवरी 2026 को समाचार पत्रों में सार्वजनिक सूचना भी प्रकाशित कराई।
वाद की सुनवाई के दौरान विपक्षी पक्ष ने न्यायालय में अपना जवाब दाखिल करते हुए स्पष्ट किया कि परिवादिता के पक्ष में उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी किए जाने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। इसके बाद अधिवक्ता सुनीता भट्ट ने परिवादिता की ओर से आधार कार्ड, मृत्यु प्रमाणपत्र, ब्रिटानिया कंपनी का अनुरोध पत्र, पर्सनल एक्सीडेंट क्लेम फॉर्म, उत्तरजीवी प्रमाणपत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किए। परिवादिता ने स्वयं भी मुख्य गवाह के रूप में न्यायालय के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए।
15 जुलाई 2026 को दोनों पक्षों की अंतिम बहस सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रशांत जोशी ने निर्णय सुरक्षित रखा और 17 जुलाई 2026 को फैसला सुनाया।
अपने आदेश में न्यायालय ने कहा कि चूंकि किसी भी पक्ष ने उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी करने पर कोई आपत्ति नहीं की तथा सार्वजनिक प्रकाशन के बावजूद कोई अन्य दावेदार सामने नहीं आया, इसलिए परिवादिता का दावा स्वीकार किया जाता है। न्यायालय ने आवश्यक न्यायालय शुल्क जमा करने के बाद ₹10 लाख की बीमा क्लेम राशि प्राप्त करने हेतु उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी करने के आदेश दिए।
इस निर्णय के साथ अधिवक्ता सुनीता भट्ट की प्रभावी कानूनी पैरवी एक बार फिर सफल साबित हुई। उनके सशक्त तर्कों और दस्तावेजी प्रस्तुति के आधार पर परिवादिता को न्यायालय से बड़ी राहत मिली और अब उत्तराधिकार प्रमाणपत्र के माध्यम से ₹10 लाख की बीमा क्लेम राशि प्राप्त करने का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो गया।
