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चित्रेश्वरधाम की पवित्र भूमि पर कथित अतिक्रमण का विवाद गरमाया!

सदियों पुरानी आस्था के केंद्र में शनि मंदिर के निर्माण का आरोप, पहाड़ी समाज ने खोला मोर्चा!

डीएम कार्यालय में जोरदार प्रदर्शन, 15 दिन का अल्टीमेटम, कार्रवाई न होने पर दी गढ़वाल-कुमाऊं से नेपाल तक व्यापक आंदोलन की चेतावनी!

दर्पण न्यूज 24/7 हल्द्वानी। रानीबाग की सुरम्य पहाड़ियों के बीच स्थित पौराणिक चित्रेश्वरधाम की पवित्र भूमि पर कथित अतिक्रमण का विवाद अब प्रशासन की चौखट से निकलकर आंदोलन की राह पर पहुंच गया है। चित्रेश्वर महादेव मंदिर परिसर में शनि मंदिर के कथित अवैध निर्माण को लेकर पहाड़ी समाज (कत्यूरी) में भारी आक्रोश है। गुरुवार को समाज के सैकड़ों लोगों ने डीएम कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन से कथित अवैध निर्माण को तत्काल हटाने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों के हाथों में ज्ञापन और जुबान पर आक्रोश था। नारेबाजी के बीच उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि चित्रेश्वरधाम की पवित्रता और धार्मिक स्वरूप से किसी भी कीमत पर खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। समाज ने प्रशासन को 15 दिन का समय देते हुए चेतावनी दी कि इस अवधि में यदि ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को व्यापक और उग्र रूप दिया जाएगा।

आस्था का केंद्र या कथित अतिक्रमण की जद में?

डीएम को सौंपे ज्ञापन में प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि चित्रेश्वर महादेव मंदिर परिसर में पिछले कुछ वर्षों के दौरान शनि मंदिर का निर्माण किया गया है। उनका दावा है कि निर्माण चित्रेश्वर महादेव के नाम दर्ज भूमि पर किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि चित्रेश्वरधाम पहाड़ी समाज की प्राचीन धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा पवित्र स्थल है।

समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि मंदिर परिसर में नए निर्माण से न केवल धार्मिक परंपराओं का स्वरूप प्रभावित हो रहा है, बल्कि श्रद्धालुओं की भावनाएं भी आहत हो रही हैं। उनका सवाल है कि जब भूमि और निर्माण को लेकर शिकायतें पहले ही प्रशासन के संज्ञान में आ चुकी थीं, तो कथित निर्माण को आगे बढ़ने से क्यों नहीं रोका गया?

शिकायत हुई, निर्देश हुए, मामला दर्ज हुआ… फिर भी कार्रवाई अधूरी!

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक मामले की शिकायत 9 जनवरी 2025 को उपजिलाधिकारी नैनीताल और राजस्व निरीक्षक रानीबाग को दी गई थी। उनके अनुसार शिकायत के बाद निर्माण रोकने के निर्देश भी दिए गए थे। इसके बाद संबंधित प्राधिकरण ने 12 अगस्त 2025 को वाद संख्या यूसीएमएस/एनडीए/आर/0873/2025 में मामले को दर्ज किया।

आरोप है कि इसके बावजूद कार्रवाई प्रभावी ढंग से आगे नहीं बढ़ी और शनि मंदिर संचालक की ओर से परिसर में एक बड़ा टिन शेड भी बना दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि प्राधिकरण ने 10 नवंबर 2025 को भी मामले का संज्ञान लिया, लेकिन अब तक कथित अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई नहीं हुई।

यही वजह है कि अब यह मामला केवल एक निर्माण को लेकर विवाद नहीं रह गया है, बल्कि पौराणिक धार्मिक स्थल की भूमि, उसकी पवित्रता और उसके मूल स्वरूप की रक्षा का सवाल बनता जा रहा है।

‘चित्रेश्वरधाम की पवित्रता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं’

पहाड़ी आर्मी के अध्यक्ष हरीश रावत ने कहा कि चित्रेश्वरधाम पहाड़ी समाज की आस्था, संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि समाज अपनी धार्मिक विरासत के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगा।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर भूमि के राजस्व अभिलेखों और निर्माण की वैधता की जांच की जाए। यदि निर्माण नियमों के विरुद्ध पाया जाता है तो उसे तत्काल हटाया जाए।

15 दिन का अल्टीमेटम, फिर होगा बड़ा आंदोलन

प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को 15 दिन का स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि यदि निर्धारित समय में कथित अवैध निर्माण के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो पहाड़ी समाज सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगा।

हरीश रावत ने चेतावनी दी कि आंदोलन को हल्द्वानी तक सीमित नहीं रखा जाएगा। कत्यूरी राजवंश से जुड़े गढ़वाल, कुमाऊं और नेपाल क्षेत्र के लोगों को भी आंदोलन से जोड़ा जाएगा।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पौराणिक तीर्थस्थलों की भूमि और धार्मिक विरासत की रक्षा करना सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रशासन को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि चित्रेश्वरधाम की सदियों पुरानी आस्था और धार्मिक परंपराओं पर उठ रहे सवालों का समाधान हो सके।

प्रदर्शन के दौरान सुभाष कांडपाल, राजेंद्र सिंह मनराल, चित्रांगद रावत, सीता रावत, चंदन सिंह मनराल, खीम सिंह मनराल, सुरेश रावत मनराल, शेर सिंह माहोड़ी, श्याम सिंह बिष्ट, कविता जीना, प्रेमा मेर, राजेंद्र कांडपाल, गोपाल सिंह रुपवाल, मनोहर सिंह रावत, यशोदा रुपवाल, मोहन सिंह बोरा, आन सिंह रावत, अंजू पांडेय, गीता बिष्ट, हरेंद्र राणा, रविंद्र खाती, गोविंद बिष्ट, सुरेश चंद्र पाठक, गिरीश चंद्र लोहनी, गौरव चौहान, धन सिंह घुघत्याल, एनबी गुणवत, मनोज बिष्ट समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

 

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