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हाईकोर्ट हल्द्वानी शिफ्ट होने की राह खुली, 40 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरण को कैबिनेट की मंजूरी

हल्द्वानी के पास उपलब्ध 73 हेक्टेयर वन भूमि में से आवश्यकता के अनुसार 40 हेक्टेयर भूमि उच्च न्यायालय परिसर के लिए होगी हस्तांतरित, नैनीताल जिले के लिए बड़ा फैसला।

प्रमोद बमेटा | दर्पण न्यूज 24×7

हल्द्वानी/नैनीताल। नैनीताल जिले के लिए शुक्रवार का दिन एक बड़े प्रशासनिक और न्यायिक फैसले का गवाह बना। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में उच्च न्यायालय परिसर के निर्माण के लिए 40 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। कैबिनेट के इस फैसले के साथ ही नैनीताल में स्थित उत्तराखंड हाईकोर्ट को हल्द्वानी शिफ्ट करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ गया है।

सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी के अनुसार लामाचौड़ क्षेत्र में उपलब्ध करीब 73 हेक्टेयर वन भूमि में से आवश्यकता के अनुसार लगभग 40 हेक्टेयर भूमि उच्च न्यायालय परिसर के लिए हस्तांतरित की जाएगी। लंबे समय से हाईकोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी स्थानांतरित किए जाने को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच इसे सरकार की ओर से महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।

न्यायिक ढांचे के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम

हल्द्वानी में हाईकोर्ट परिसर स्थापित होने से कुमाऊं मंडल के लोगों के लिए न्यायिक सेवाओं तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है। वहीं नैनीताल शहर पर बढ़ते यातायात और पर्यटकीय दबाव को कम करने के लिहाज से भी इस निर्णय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि हाईकोर्ट के स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया आगे न्यायिक एवं प्रशासनिक स्तर पर तय होगी।

पशुपालकों के लिए भी कैबिनेट का बड़ा फैसला

कैबिनेट ने राज्य सेक्टर की गोपालन योजना का दायरा बढ़ाते हुए अब सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी योजना से जोड़ने का निर्णय लिया है। लाभार्थी गाय के साथ भैंस खरीदने का विकल्प भी चुन सकेंगे। पशु की यूनिट कॉस्ट 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दी गई है।

अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लाभार्थियों को 90 प्रतिशत तथा सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 60 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। सरकार के अनुसार पहले वर्ष में करीब 2128 पशुपालकों को इसका लाभ मिलेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने, स्वरोजगार बढ़ाने और पलायन रोकने में मदद मिलने की उम्मीद है।

श्रमिकों के लिए लागू होगी मजदूरी संहिता नियमावली-2026

कैबिनेट ने उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली-2026 को भी मंजूरी दी है। इसके तहत न्यूनतम मजदूरी, ओवरटाइम के लिए दोगुना भुगतान, प्रत्येक माह की सात तारीख तक वेतन भुगतान, डिजिटल भुगतान तथा समान कार्य के लिए महिला और पुरुष को समान वेतन जैसे प्रावधान लागू होंगे।

इसके अलावा औद्योगिक संबंध संहिता-2020 के तहत उत्तराखंड औद्योगिक संबंध नियमावली-2026 लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसमें औद्योगिक विवादों के समयबद्ध समाधान, ट्रेड यूनियनों की मान्यता, शिकायत निवारण समितियों, हड़ताल एवं तालाबंदी की प्रक्रिया तथा श्रमिक री-स्किलिंग फंड जैसे प्रावधान शामिल हैं।

गौलापार खेल विश्वविद्यालय को मिलेंगे 122 नियमित पद

नैनीताल जिले से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, गौलापार हल्द्वानी के सुचारू संचालन के लिए 122 नियमित पदों के साथ आउटसोर्स व्यवस्था के माध्यम से आवश्यक तकनीकी एवं सहायक पदों को स्वीकृति दी गई है। इससे विश्वविद्यालय में खिलाड़ियों को आधुनिक खेल सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का रास्ता मजबूत होगा।

छात्रावासों की व्यवस्था भी होगी बेहतर

समाज कल्याण विभाग के अधीन संचालित छात्रावासों के लिए संचालन नियमावली-2026 लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आवास, भोजन और सर्वांगीण विकास की सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।

ईको टूरिज्म से लेकर पेयजल तक कई फैसले

कैबिनेट ने ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति की संरचना में संशोधन को मंजूरी दी है। इसमें वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल करते हुए पर्यावरण संरक्षण, जड़ी-बूटी प्रबंधन, कूड़ा नियंत्रण और स्थानीय समुदायों के साथ बेहतर समन्वय पर जोर दिया जाएगा।

ग्रामीण पेयजल योजनाओं की कमीशनिंग और ग्राम पंचायतों तथा ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को योजनाएं हस्तांतरित करने के लिए केंद्र सरकार के निर्धारित प्रोटोकॉल को राज्य में लागू करने का निर्णय भी लिया गया है।

गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तार की तैयारी

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार के बीच गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने के लिए समझौता ज्ञापन किए जाने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इसे उत्तराखंड की कनेक्टिविटी और भविष्य के आर्थिक विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर

उत्तराखंड वन विकास निगम सेवा संशोधन विनियमावली-2026 के तहत स्केलर पदों के लिए 100 अंकों की लिखित परीक्षा का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और चयन व्यवस्था को आयोग की प्रणाली के अनुरूप मजबूती मिलेगी।

नैनीताल जिले पर क्या होगा असर?

कैबिनेट के इन फैसलों में सबसे अहम प्रभाव न्यायिक एवं खेल ढांचे के विस्तार के रूप में नैनीताल जिले पर पड़ने वाला है। एक ओर लामाचौड़ में हाईकोर्ट परिसर के लिए भूमि हस्तांतरण की मंजूरी से हल्द्वानी के न्यायिक महत्व में वृद्धि की संभावना है, वहीं गौलापार स्थित क्रीड़ा विश्वविद्यालय के लिए पदों की स्वीकृति से क्षेत्र में खेल गतिविधियों और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

सरकार के अनुसार कैबिनेट के फैसलों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पशुपालन, श्रमिक कल्याण, शिक्षा, खेल, न्यायिक आधारभूत ढांचे, पेयजल, ईको टूरिज्म और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

 

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