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गंगापुर कबड़वाल में घेरबाड़ का ‘खेल’ अब जांच की जद में!

सीएम हेल्पलाइन की शिकायत ने खोली फाइल, 5 सितंबर को मौके पर पहुंचेगा कृषि विभाग का जांच दल!

दर्पण न्यूज 24/7 हल्दूचौड़। गंगापुर कबड़वाल ग्राम सभा में जिला योजना 2023-24 के अंतर्गत स्वीकृत घेरबाड़ कार्य को लेकर उठी शिकायत अब सरकारी जांच की चौखट तक पहुंच गई है। सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत के बाद कृषि विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 5 सितंबर को स्थलीय जांच की तारीख तय कर दी है। विभागीय अधिकारियों को संबंधित अभिलेखों के साथ मौके पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य कृषि अधिकारी, नैनीताल कार्यालय से जारी पत्र के मुताबिक सीएम हेल्पलाइन शिकायत संख्या CMHL-012026-11-92808 में गंगापुर कबड़वाल ग्राम पंचायत में जिला योजना 2023-24 के तहत स्वीकृत घेरबाड़ कार्य को लेकर शिकायत की गई थी। शिकायत पहले कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी, हल्द्वानी के स्तर पर दर्ज हुई और बाद में आवश्यक कार्रवाई के लिए मुख्य कृषि अधिकारी के समक्ष भेजी गई।

अब विभाग ने मामले की परतें खोलने के लिए 5 सितंबर को जांच निर्धारित की है। कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी हल्द्वानी को समस्त अभिलेखों और क्षेत्रीय कार्मिकों के साथ जांच में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। ग्राम प्रधान ललित सनवाल को भी जांच के दिन उपस्थित रहने के लिए सूचित करने को कहा गया है।

इतना ही नहीं, कार्यालय में तैनात कनिष्ठ अभियंता नवदीप राणा को भी निर्धारित तिथि पर मुख्य कृषि अधिकारी के साथ जांच में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। शिकायतकर्ता हेमचन्द्र सनवाल को भी जांच के दौरान मौजूद रहने के लिए पत्र भेजा गया है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिला योजना से स्वीकृत घेरबाड़ कार्य की फाइल में दर्ज तस्वीर और धरातल की वास्तविक स्थिति कितनी मेल खाती है? क्या स्वीकृत कार्य पूरी तरह मानकों के अनुरूप हुआ है? क्या कार्य की मात्रा और गुणवत्ता निर्धारित प्रावधानों के मुताबिक है? और क्या विभागीय अभिलेख मौके की स्थिति की सही तस्वीर पेश करते हैं? इन तमाम सवालों का जवाब अब 5 सितंबर की जांच में तलाशा जाएगा।

मुख्य कृषि अधिकारी के आदेश में स्पष्ट रूप से समस्त अभिलेखों के साथ जांच में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। इससे साफ है कि जांच केवल मौके पर घेरबाड़ की स्थिति देखने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि संबंधित दस्तावेजों और कार्य से जुड़े रिकॉर्ड का भी परीक्षण किया जाएगा।

मामले की जानकारी मुख्य विकास अधिकारी नैनीताल, संयुक्त कृषि निदेशक कुमाऊं मंडल हल्द्वानी और कृषि निदेशक उत्तराखंड देहरादून को भी भेजी गई है।

अब निगाहें 5 सितंबर की जांच पर टिकी हैं। मौके की स्थिति, अभिलेखों की पड़ताल और विभागीय जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितना दम है और कार्य में वास्तव में कोई अनियमितता हुई है या नहीं।

दर्पण न्यूज 24×7 की नजर इस जांच पर बनी रहेगी।