








केबल चोरों का आतंक, पुलिस गश्त पर उठे सवाल!
नलकूपों से बार-बार केबल चोरी, मोबाइल टावर भी निशाने पर, ग्रामीण पूछ रहे—स्टाफ की कमी के नाम पर कब तक असुरक्षित रहेगी कानून व्यवस्था?
हल्दूचौड़/हल्द्वानी।
हल्दूचौड़ चौकी क्षेत्र के मोटाहल्दू और आसपास के ग्रामीण इलाकों में बिजली के केबल चोरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। किशनपुर सकुलिया में नलकूपों के केबल बार-बार काटकर चोरी किए जाने के साथ अब मोबाइल टावर भी चोरों के निशाने पर आ गए हैं। लगातार हो रही वारदातों ने ग्रामीणों और किसानों की चिंता बढ़ाने के साथ ही पुलिस की गश्त और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक किशनपुर सकुलिया स्थित नलकूप संख्या 100 से दो बार और नलकूप संख्या 18 से चार बार बिजली के केबल चोरी हो चुके हैं। इसके अलावा क्षेत्र में लगे जियो मोबाइल टावर से भी केबल काटकर चोरी किए जाने की बात सामने आई है। एक ही इलाके में बार-बार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर चोरों के हौसले इतने बुलंद कैसे हैं?
किसानों की सिंचाई पर सीधा असर!
नलकूपों से केबल चोरी होना महज सामान चोरी की घटना नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर किसानों की सिंचाई व्यवस्था पर पड़ रहा है। केबल चोरी होने के बाद नलकूप बंद हो जाते हैं और उन्हें दोबारा चालू कराने में किसानों को आर्थिक नुकसान के साथ समय भी गंवाना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी इलाके में एक ही तरह की चोरी बार-बार हो रही हो तो पुलिस के लिए यह गंभीर संकेत होना चाहिए। इसके बावजूद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी निगरानी और गश्त कितनी कारगर है, यह सवाल अब ग्रामीण खुलकर उठा रहे हैं।
वारदात के बाद गश्त की मांग, फिर स्टाफ की कमी का हवाला?
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से इस प्रकार की वारदातें होती रही हैं। चोरी की घटना के बाद पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की जाती है, लेकिन हर बार स्टाफ की कमी का हवाला देकर मामला शांत कर दिया जाता है।
यहीं से सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है—अगर पुलिस बल की कमी है तो ग्रामीण क्षेत्रों की कानून व्यवस्था और संपत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी कैसे सुनिश्चित होगी? क्या चोरों के लिए सुनसान नलकूप और ग्रामीण क्षेत्र आसान निशाना बनते रहेंगे?
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे पुलिस से किसी एक घटना की खानापूर्ति नहीं, बल्कि लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के पीछे सक्रिय गिरोह या चोरों का पता लगाने और ऐसी वारदातों पर स्थायी अंकुश लगाने की कार्रवाई चाहते हैं।
चौकी पहुंचकर सौंपा शिकायती पत्र!
लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से नाराज ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने हल्दूचौड़ पुलिस चौकी पहुंचकर चौकी प्रभारी अर्जुन नाथ गोस्वामी को शिकायती पत्र सौंपा। उन्होंने अज्ञात चोरों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने, रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाने तथा संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की मांग की।
चौकी प्रभारी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है और आरोपियों को जल्द पकड़कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शिकायती पत्र देने वालों में ग्राम प्रधान पुष्पा जोशी, पूर्व ग्राम प्रधान विपिन चंद्र जोशी, क्षेत्र पंचायत सदस्य हरीश चंद्र कबडाल, हीरा वल्लभ जोशी, दिनेश चंद्र, गिरीश चंद्र भट्ट, अनिल भट्ट, भाष्करानंद भट्ट, जगदीप पांडे, सुरेश जोशी, गणेश दत्त नैनवाल, मोहन चंद्र जोशी और चंदन पांडेय सहित कई ग्रामीण शामिल रहे।
सवाल सिर्फ केबल चोरी का नहीं, सुरक्षा व्यवस्था का भी है
लगातार एक ही क्षेत्र में नलकूपों और मोबाइल टावर से केबल चोरी की घटनाएं सामने आना पुलिस के लिए भी चुनौती है। ग्रामीणों की मांग है कि पुलिस केवल घटना के बाद सक्रिय होने के बजाय चोरी रोकने के लिए पहले से प्रभावी गश्त और निगरानी व्यवस्था लागू करे।
आखिर स्टाफ की कमी कब तक कानून व्यवस्था के सामने ढाल बनी रहेगी?
और कब तक किसान अपने नलकूपों के केबल और ग्रामीण अपने संसाधनों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहेंगे?
अब निगाह पुलिस की कार्रवाई पर है—क्या अगली वारदात का इंतजार होगा या उससे पहले केबल चोरों तक पुलिस पहुंचेगी?
