








सरकार अवसर दे सकती है, सफलता की कहानी आपको लिखनी होगी: धामी !
युवा संवाद में मुख्यमंत्री का जोशीला संदेश—सपने छोटे मत रखिए, मेहनत और आत्मविश्वास से हर मंजिल संभव!
काशीपुर। “सरकार आपको अवसर दे सकती है, सुविधाएं दे सकती है, प्लेटफॉर्म दे सकती है, लेकिन उन अवसरों को सफलता में बदलना सिर्फ आपके हाथ में है।” मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवा संवाद कार्यक्रम में युवाओं से रूबरू होते हुए यह संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवा खुद पर विश्वास रखें, खूब पढ़ें और पूरी ईमानदारी से मेहनत करें। मजबूत आत्मविश्वास और संकल्प के साथ कोई भी मंजिल असंभव नहीं है।
युवाओं से सीधे संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की पीढ़ी के पास नई सोच, नया विजन और कुछ कर गुजरने का जुनून है। उत्तराखंड के युवाओं के सपने छोटे नहीं हैं और उन्हें पूरा करने का साहस भी उनमें है। यही युवा प्रदेश और देश के भविष्य की दिशा तय करेंगे।
‘सपने छोटे मत रखिए’
मुख्यमंत्री ने पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियां किसी व्यक्ति की मंजिल तय नहीं करतीं। सीखने की इच्छा, मेहनत और आत्मविश्वास इंसान को ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।
उन्होंने दुष्यंत कुमार की चर्चित पंक्तियों का उल्लेख करते हुए युवाओं में जोश भरा—
“कौन कहता है आसमान में सुराख नहीं हो सकता,
एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को अपने सपने छोटे नहीं रखने चाहिए। यदि संकल्प मजबूत और मेहनत ईमानदार है तो लक्ष्य तक पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता।
‘मेहनत करने वालों की मेहनत पर डाका नहीं पड़ेगा’
मुख्यमंत्री ने सरकारी भर्तियों में नकल और पारदर्शिता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि एक दौर ऐसा था जब नकल माफिया के कारण मेहनत करने वाले युवाओं का भरोसा टूट रहा था। परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को अपनी मेहनत के बावजूद चयन को लेकर संशय रहता था।
उन्होंने कहा कि सरकार ने तय किया कि मेहनत करने वाले युवाओं की मेहनत पर कोई डाका नहीं पड़ने दिया जाएगा। इसी दिशा में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में अब तक करीब 35 हजार नियुक्तियां हो चुकी हैं और चयन युवाओं की मेहनत, योग्यता और क्षमता के आधार पर हुआ है।
नशे के खिलाफ युवाओं से मांगा संकल्प
मुख्यमंत्री ने नशे को युवा पीढ़ी के सामने बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि नशा सिर्फ एक व्यक्ति के शरीर को नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि उसके परिवार के सपनों और भविष्य को भी तबाह कर देता है।
उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने और अपने दोस्तों व साथियों को भी नशे से बचाने के लिए जागरूक करने का संकल्प लेने को कहा।
बुजुर्गों के ज्ञान से लेकर ‘नॉलेज बैंक’ तक की बात
युवा संवाद में मुख्यमंत्री ने नई पीढ़ी को बुजुर्गों के पारंपरिक ज्ञान से जोड़ने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमारे बुजुर्गों के पास मौसम, खान-पान, स्वास्थ्य और जीवनशैली से जुड़ा व्यापक अनुभव रहा है। इस ज्ञान को संरक्षित करने के लिए ‘नॉलेज बैंक’ बनाने का सुझाव सामने आया है।
उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को बेहतर शिक्षा, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। 179 विद्यालयों में बेहतर पाठ्यक्रम लागू करने और क्लासरूम नेटवर्क जैसी पहल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कोशिश है कि प्रतिभाशाली युवा अवसरों के अभाव में पीछे न छूटें।
‘युवा ही उत्तराखंड की असली ताकत’
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के युवा ही प्रदेश की असली ताकत हैं। उनकी सोच, प्रतिभा और मेहनत प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। उन्होंने युवाओं से बड़े सपने देखने, उन्हें लक्ष्य में बदलने और पूरी ताकत से उन्हें हासिल करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि युवा आगे बढ़ेंगे तो सरकार उनके साथ खड़ी रहेगी। विकसित उत्तराखंड और विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में प्रदेश के युवाओं की भूमिका निर्णायक होगी।
