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उम्र के पड़ाव पर भी जज्बा जवान,किच्छा में बेहड़ से मिलने पहुंचे दुर्गापाल, कांग्रेस के प्रति समर्पण और पुराने साथी के प्रति आत्मीयता ने खींचा ध्यान!

किच्छा। उम्र सिर्फ एक पड़ाव है, जज्बे की कोई उम्र नहीं होती। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चन्द्र दुर्गापाल ने किच्छा पहुंचकर एक बार फिर अपने राजनीतिक सरोकार और संगठन के प्रति आत्मीय जुड़ाव की झलक दिखाई। किच्छा-सिरौलीकलां नगर निकाय चुनाव के घटनाक्रम के बीच दुर्गापाल ने कांग्रेस नेता तिलक राज बेहड़ से मुलाकात कर पूरे प्रकरण की जानकारी ली।

बेहड़ ने सोशल मीडिया पर मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए दुर्गापाल की संवेदना, आत्मीयता और समर्थन के लिए हृदय से आभार जताया। पोस्ट में लोकतंत्र की गरिमा, संविधान के सम्मान और जनहित की रक्षा के संकल्प को भी दोहराया गया।

दुर्गापाल की खासियत सिर्फ उनका लंबा राजनीतिक अनुभव नहीं, बल्कि साथियों के प्रति उनका आत्मीय व्यवहार भी रहा है। उम्र के इस पड़ाव में भी किच्छा जैसे घटनाक्रम पर साथी नेता से मिलने स्वयं पहुंचना उनके राजनीतिक सरोकार को दर्शाता है।

तिलक राज बेहड़ से उनका यह संवाद भी पुराने राजनीतिक रिश्ते की गर्माहट को सामने लाता है। सियासत में रास्ते और भूमिकाएं बदल सकती हैं, लेकिन आत्मीय रिश्ते बने रहें तो संगठन की डोर मजबूत होती है।

दुर्गापाल की इस पहल को कांग्रेस के प्रति उनके लंबे जुड़ाव और संगठनात्मक निष्ठा की एक तस्वीर के तौर पर देखा जा रहा है। सक्रिय राजनीतिक पद भले आज उनके पास न हों, लेकिन पार्टी के प्रति सरोकार और साथियों के सुख-दुख में खड़े होने का भाव अब भी दिखाई देता है।

किच्छा की इस मुलाकात में कोई बड़ा राजनीतिक ऐलान नहीं हुआ, लेकिन तस्वीर अपने आप में बहुत कुछ कहती है। उम्र आगे बढ़ती रही, लेकिन कांग्रेस के प्रति दुर्गापाल का जज्बा और साथियों के प्रति आत्मीयता कम नहीं हुई।

दुर्गापाल का बेहड़ से मिलने पहुंचना यही संदेश देता है कि राजनीति केवल पद और चुनाव तक सीमित नहीं होती। लंबे राजनीतिक सफर में बने रिश्ते और संगठन के प्रति निष्ठा भी उसकी बड़ी पूंजी होती है।

 

दर्पण न्यूज 24/7 ऐसे जज्बे को सलाम करता है—जहां उम्र के आंकड़े पीछे छूट जाते हैं और संगठन, साथी तथा विचारों के प्रति आत्मीयता सामने दिखाई देती है।

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