खबरें शेयर करें -

पर्वतीय पत्रकारिता की चुनौतियों पर खुलकर हुआ संवाद!

सूचना महानिदेशक के सम्मुख पत्रकारों ने रखी मान्यता, विज्ञापन, प्रेस क्लब, आवास और चिकित्सा सुविधा की मांग!

चंपावत। विषम भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बीच जनसरोकारों को सामने लाने वाले पर्वतीय पत्रकारों की चुनौतियों पर बनबसा में सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी के साथ खुलकर संवाद हुआ। कैबिनेट बैठक में शामिल होने पहुंचे सूचना महानिदेशक से चंपावत जिला पत्रकार संगठन के प्रतिनिधियों और पत्रकारों ने मुलाकात कर पत्रकार हित से जुड़े कई लंबित मुद्दे उनके सामने रखे।

संवाद के दौरान पत्रकारों ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में पत्रकारिता केवल समाचार संकलन तक सीमित नहीं है। दूरस्थ गांवों और दुर्गम इलाकों तक पहुंचना, सीमित संसाधनों में घटनाओं की कवरेज करना और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाना पत्रकारों के लिए लगातार चुनौती बना रहता है। ऐसे में पत्रकारों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है।

पत्रकारों ने बताया कि मुख्यमंत्री की परिकल्पना के मॉडल जिले चंपावत में वर्तमान में मात्र तीन पत्रकार मान्यता प्राप्त हैं, जबकि एक दर्जन से अधिक पत्रकार मान्यता की प्रक्रिया पूरी होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। पत्रकारों ने लंबित मान्यता प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने की मांग उठाई।

इसके साथ ही समाचारों के प्रकाशन और प्रसारण के लिए मिलने वाली विज्ञापन राशि में बढ़ोतरी, अंतर जिला विकास कार्यों के निरीक्षण एवं भ्रमण की व्यवस्था और पत्रकारों के लिए स्थायी पहचान पत्र जारी करने की मांग भी रखी गई।

पत्रकारों ने जिला मुख्यालय में प्रेस क्लब की स्थापना को भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि पत्रकारों के लिए एक व्यवस्थित प्रेस क्लब उपलब्ध होने से समाचार संकलन, संवाद और पत्रकारिता से जुड़े विभिन्न कार्यों के लिए बेहतर वातावरण मिल सकेगा।

इसके अलावा पत्रकारों के लिए आवास सुविधा और निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का मुद्दा भी सूचना महानिदेशक के समक्ष रखा गया। पत्रकारों ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में काम करने वाले पत्रकारों को बुनियादी सुविधाएं मिलने से न केवल उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों की आवाज भी अधिक प्रभावी ढंग से सामने आएगी।

पहली मुलाकात में सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी का पत्रकारों के साथ संवाद सहज और आत्मीय रहा। उन्होंने पत्रकारों की समस्याओं और मांगों को गंभीरता से सुना और पत्रकार हित में आवश्यक कार्रवाई तथा सकारात्मक निर्णय का भरोसा दिलाया।

उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र के पत्रकार अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने के साथ पहाड़ के विकास के प्रति भी सकारात्मक सोच रखते हैं। संवाद का यह अंदाज पत्रकारों के बीच चर्चा का विषय रहा। पत्रकारों ने भी उम्मीद जताई कि उनके सामने रखे गए लंबित मुद्दों पर अब विभागीय स्तर पर ठोस पहल होगी।

इस दौरान जिला पत्रकार संगठन अध्यक्ष चंद्र बल्लभ ओली, वरिष्ठ पत्रकार गणेश दत्त पांडे, जया पुनेठा, हरीश पांडे, पंकज पाठक, सतीश जोशी, लक्ष्मण बिष्ट, बसंत जोशी, विनोद चतुर्वेदी, गिरीश बिष्ट, राजीव मुरारी, बाबूलाल यादव, दीपक फुलेरा, दीपक धामी, सुरेश उप्रेती, विनोद काला, नबी अंसारी, शुभम गौड़, राजीव गुप्ता, कुंदन बिष्ट, सूरी पंत, पुष्कर मेहर, विनोद पाल, बृजेश पांडे, रविंद्र धामी, राजीव मनराल, राजेश देउपा सहित अनेक पत्रकार मौजूद रहे।

उत्तराखंड