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तराई-भाबर की आवाज बनेगा ‘तराई भाबर लोकभूमि’ साप्ताहिक समाचार पत्र!

जल्द शुरू होगा प्रकाशन, जनसमस्याओं और जनसरोकारों को मिलेगी प्रमुखता!

तीन दशक से अधिक के पत्रकारिता अनुभव वाले वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद बमेटा संभालेंगे संपादन का दायित्व, जनता और शासन-प्रशासन के बीच सेतु बनने का संकल्प!

हल्द्वानी। तराई-भाबर क्षेत्र की जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों और विकास से जुड़े मुद्दों को सशक्त मंच देने की दिशा में जल्द ही एक नई पहल होने जा रही है। ‘तराई भाबर लोकभूमि’ नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र का प्रकाशन शुरू होने जा रहा है। वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद बमेटा इसके संपादन का दायित्व संभालेंगे। समाचार पत्र का उद्देश्य क्षेत्र की आवाज को बुलंद करने के साथ ही आमजन से जुड़े उन मुद्दों को प्रमुखता से उठाना है, जो अक्सर व्यापक समाचार माध्यमों में अपेक्षित स्थान नहीं पा पाते।

पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन दशक से अधिक का अनुभव रखने वाले प्रमोद बमेटा के संपादकीय नेतृत्व में शुरू होने जा रहा यह समाचार पत्र केवल घटनाओं और बयानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जनहित से जुड़े सवालों को प्रमुखता देने का प्रयास करेगा। गांवों की समस्याओं से लेकर शहरी क्षेत्रों की चुनौतियों तक, किसानों की परेशानियों से लेकर युवाओं के रोजगार के सवालों तक, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी जरूरतों को समाचार पत्र में स्थान दिया जाएगा।

सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत भी आएगी सामने!

सरकारी योजनाओं की घोषणाओं और उनके धरातल पर क्रियान्वयन के बीच की स्थिति को तथ्यों के आधार पर सामने लाना समाचार पत्र की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। विकास कार्यों की गुणवत्ता, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनसमस्याओं के समाधान में हो रही देरी जैसे मुद्दों पर भी नजर रखी जाएगी। उद्देश्य संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही को जनहित के दायरे में लाना होगा।

गांवों से लेकर शहरों तक की खबरों को मिलेगा मंच।

तराई-भाबर क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों की समस्याओं, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और व्यापारियों से जुड़े विषयों को प्रमुखता दी जाएगी। इसके साथ ही क्षेत्र की लोकसंस्कृति, सामाजिक परंपराओं, खेल गतिविधियों, स्थानीय प्रतिभाओं और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले लोगों को भी समाचार पत्र में स्थान मिलेगा।

निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता होगी प्राथमिकता।

‘तराई भाबर लोकभूमि’ का ध्येय वाक्य ‘जमीन से जुड़ी खबरें, समाज के साथ’ रखा गया है। इसी सोच के साथ निष्पक्षता, तथ्यपरकता और पत्रकारिता की मर्यादा को सर्वोपरि रखने का संकल्प है। समाचार पत्र जनता और शासन-प्रशासन के बीच संवाद का माध्यम बनने के साथ ही जनहित के मुद्दों को जिम्मेदारी से उठाने का प्रयास करेगा।

प्रकाशन से पहले ही क्षेत्र के बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, युवाओं, किसानों, व्यापारियों और जागरूक नागरिकों से सुझाव एवं सहयोग की अपेक्षा की जा रही है।

‘तराई भाबर लोकभूमि’ का प्रकाशन जल्द शुरू होने जा रहा है। क्षेत्र की आवाज, जनभावनाओं और विकास की आकांक्षाओं को अभिव्यक्ति देने की इस पहल से स्थानीय पत्रकारिता को एक नया मंच मिलने की उम्मीद है।

 

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