

मुख्यमंत्री के ‘गड्ढा मुक्त सड़क’ के दावों को पलीता लगा रहे जिम्मेदार!
हल्द्वानी की बदहाल सड़कों पर फूटा जनाक्रोश, राजपुरा से लेकर शहर के दूसरे इलाकों तक गड्ढों ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें, युकां ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंककर सरकार को घेरा!
दर्पण न्यूज 24/7 | हल्द्वानी।
सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के सरकारी दावे और धरातल पर नजर आ रही हकीकत के बीच हल्द्वानी में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। शहर की सड़कों पर जगह-जगह बने गड्ढे न केवल आवागमन में बाधा बन रहे हैं, बल्कि जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की गड्ढा मुक्त सड़कों की मंशा को आखिर कौन पलीता लगा रहा है? सड़कों की बदहाली के बीच यह सवाल अब राजनीतिक विरोध के साथ ही आम लोगों की परेशानी का मुद्दा भी बनता जा रहा है।
इसी मुद्दे को लेकर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष हेमंत साहू के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पुतला फूंका और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
युवा कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष हेमंत साहू ने कहा कि राजपुरा समेत हल्द्वानी के विभिन्न क्षेत्रों में सड़कों की हालत खराब है। जगह-जगह गड्ढे होने से वाहन चालकों और राहगीरों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद संबंधित विभाग और प्रशासन समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के दावे कर रही है तो शहर की सड़कों की यह स्थिति क्यों बनी हुई है?
प्रदर्शनकारियों ने सुशीला तिवारी महिला बेस अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी सवाल उठाए। हेमंत साहू ने अस्पताल में कथित लापरवाही के मामलों का हवाला देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के सरकारी दावों के बावजूद मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि सड़कों की मरम्मत और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो युवा कांग्रेस व्यापक आंदोलन करेगी।
पूर्व पार्षद राजेंद्र बिष्ट और संदीप भैसोड़ा ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार आम जनता की समस्याओं की अनदेखी कर रही है। उनके मुताबिक गरीबों और छोटे दुकानदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आती।
जसविंदर भसीन और रेखा जाटव ने भी सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता होनी चाहिए।
प्रदर्शन में राजों टंडन, इशाक खान, कौशलेन्द्र भट्ट, संजू उप्रेती, ज्योति आर्या, रेनू आर्या, पंकज कश्यप, सहिमा सिद्दीकी, नरेश जाटव, नीरज कुमार, गोपाल कुमार, पार्वती जाटव, एंजल, अंशिका सिंह, खुशबू कश्यप और नवल आर्या समेत तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सवाल सड़क के गड्ढों का ही नहीं, जवाबदेही का भी है। मुख्यमंत्री की गड्ढा मुक्त सड़क की घोषणा को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी जिन विभागों और अधिकारियों की है, उनसे यह पूछना जरूरी है कि आखिर हल्द्वानी की सड़कों की मरम्मत कब होगी? सरकारी दावों की असली परीक्षा विज्ञप्तियों और घोषणाओं में नहीं, बल्कि उन सड़कों पर होती है जिनसे होकर आम जनता हर दिन गुजरती है।
