निजी स्कूलों पर प्रशासन का शिकंजा: 46 स्कूलों को नोटिस, महंगी किताबें थोपने का आरोप!
तय दुकानों से खरीदने को मजबूर कर रहे थे स्कूल, 11 अप्रैल तक मांगा जवाब!
दर्पण न्यूज 24/7 संवाददाता!
हल्द्वानी। निजी स्कूलों की मनमानी पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए 46 स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जांच में सामने आया है कि ये स्कूल अभिभावकों को एनसीईआरटी की सस्ती किताबों के बजाय निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें खरीदने के लिए मजबूर कर रहे थे, साथ ही उन्हें तय दुकानों से ही कॉपी-किताब खरीदने के निर्देश दिए जा रहे थे।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल द्वारा जारी नोटिस के दायरे में आए स्कूलों में प्रमुख रूप से—वेदान्तम इंटरनेशनल स्कूल दमुवादूंगा, ग्रीन सिटी पब्लिक स्कूल हल्द्वानी, आदर्श पब्लिक स्कूल हल्द्वानी, आरुष पब्लिक स्कूल कुंवरपुर, न्यू बाल संसार पब्लिक स्कूल, चिल्ड्रन वैली पब्लिक स्कूल बरेली रोड, डी लैम्प पब्लिक स्कूल दमुवादूंगा, दर्पण चिल्ड्रन गार्डन पब्लिक स्कूल, ईमैनुअल पब्लिक स्कूल, ग्रीन बुड पब्लिक स्कूल, जी-किड्स पब्लिक स्कूल, हिमालया विद्या मंदिर, इंस्पिरेशन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, देवभूमि पब्लिक स्कूल देवलचौड़ शामिल हैं।
इसके अलावा जय दुर्गे पब्लिक स्कूल, किड्स केयर पब्लिक स्कूल, किंग्सफोर्ड पब्लिक स्कूल, काठगोदाम पब्लिक स्कूल, लिटिल जीनियस पब्लिक स्कूल, लिटिल स्पार्कल एकेडमी, मानस पब्लिक स्कूल, नेशनल पब्लिक स्कूल, न्यू सनशाइन पब्लिक स्कूल, न्यू रेनबो पब्लिक स्कूल, शेमफोर्ड पब्लिक स्कूल, सेंट लूक्स पब्लिक स्कूल, श्री कृपा पब्लिक स्कूल, सेंट जॉर्ज पब्लिक स्कूल, सनराइज पब्लिक स्कूल, समिट पब्लिक स्कूल भी जांच के घेरे में आए हैं।
सूची में आगे विवेकानंद पब्लिक स्कूल, सनबीम पब्लिक स्कूल, एसकेएम पब्लिक स्कूल देवलचौड़, फन विद ड्राइंग पब्लिक स्कूल, टेंडर फीट पब्लिक स्कूल, विजडम पब्लिक स्कूल, वुडलैंड पब्लिक स्कूल, वीवीएम पब्लिक स्कूल, होली एंजेल पब्लिक स्कूल, पीडी मेमोरियल पब्लिक स्कूल, न्यू फैंग लैंड पब्लिक स्कूल, राइजिंग स्टार पब्लिक स्कूल, स्प्रिंग फील्ड पब्लिक स्कूल, दून पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल और आर्यमान विक्रम बिड़ला पब्लिक स्कूल भी शामिल हैं।
जांच समिति की रिपोर्ट में यह भी उजागर हुआ कि कई स्कूल सीबीएसई के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर रहे हैं और अपनी वेबसाइट पर फीस स्ट्रक्चर व अन्य अनिवार्य सूचनाएं सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं।
प्रशासन ने सभी स्कूलों को 11 अप्रैल शाम पांच बजे तक स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। चेतावनी दी गई है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो संबंधित स्कूलों के खिलाफ मान्यता व संबद्धता पर कार्रवाई के साथ-साथ विधिक और प्रशासनिक दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।
इस सख्त कार्रवाई से निजी स्कूलों में हड़कंप मच गया है और अभिभावकों को राहत की उम्मीद जगी है।
