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एक दशक बाद पुनः लाल कान वाला ये दुर्लभ हाथी बना कॉर्बेट का सुपरस्टार !

दर्पण न्यूज 24/7 | रामनगर संवाददाता: करन तिवारी

रामनगर। विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व अपनी समृद्ध जैव विविधता और दुर्लभ वन्यजीवों के लिए देश-दुनिया में प्रसिद्ध है। इन दिनों कॉर्बेट में दिखाई दे रहा एक विशालकाय लाल कान वाला दुर्लभ टस्कर हाथी पर्यटकों, वन्यजीव प्रेमियों और फोटोग्राफरों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। अपने विशाल शरीर, लंबे चमकदार दांतों और लाल रंग के कानों के कारण यह हाथी दूर से ही अलग पहचान बना लेता है।

जानकारी के अनुसार 11 जून को यह दुर्लभ टस्कर कॉर्बेट के लोकप्रिय ढिकाला जोन के ग्रासलैंड क्षेत्र में देखा गया था। इसके बाद लगभग 25 किलोमीटर की दूरी तय कर 13 जून को यह झिरना रेंज में पहुंच गया। हाथी की लगातार गतिविधियों पर वन्यजीव प्रेमियों और फोटोग्राफरों की विशेष नजर बनी हुई है।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में वर्तमान में 1200 से अधिक एशियाई हाथियों की मौजूदगी दर्ज की गई है, लेकिन लाल कान वाले हाथी बेहद कम संख्या में दिखाई देते हैं। यही कारण है कि यह दुर्लभ टस्कर चर्चा का विषय बना हुआ है।

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार लगभग 40 से 45 वर्ष आयु का यह परिपक्व नर हाथी अपने शांत स्वभाव और विशाल कद-काठी के लिए जाना जाता है। सामान्यतः यह आक्रामक व्यवहार नहीं करता, जिससे फोटोग्राफरों को इसके प्राकृतिक व्यवहार और शानदार तस्वीरें कैद करने का अवसर मिलता है।

लाल कानों को लेकर लोगों के मन में कई तरह की जिज्ञासाएं रहती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह किसी बीमारी या संक्रमण का संकेत नहीं है। कानों में पिगमेंट की कमी और रक्त वाहिकाओं की विशेष संरचना के कारण कानों का रंग लाल दिखाई देता है। यही अनोखी विशेषता इसे अन्य हाथियों से अलग पहचान देती है।

वन्यजीव जानकारों के मुताबिक लगभग एक दशक पहले भी कॉर्बेट में ऐसा ही एक लाल कान वाला विशाल टस्कर देखा जाता था, जिसकी वर्ष 2017 में मृत्यु हो गई थी। उसके बाद लंबे समय तक ऐसा कोई हाथी दिखाई नहीं दिया। ऐसे में वर्तमान में दिख रहा यह लाल कान वाला टस्कर एक बार फिर लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्वस्थ और परिपक्व नर हाथियों की मौजूदगी किसी भी जंगल के मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत होती है। लाल कान वाला यह दुर्लभ गजराज न केवल कॉर्बेट की समृद्ध जैव विविधता का प्रतीक है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण की सफलता की जीवंत मिसाल भी माना जा रहा है। जंगल की हरियाली के बीच विचरण करता यह विशालकाय टस्कर आज कॉर्बेट की नई पहचान बनता नजर आ रहा है।

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