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लालकुआं के इस चर्चित दुष्कर्म केस में एक साल बाद भी चार्जशीट दाखिल नहीं होने से  जांच पर लगे सवालिया निशान।

देहरादून  पहुंचा मामला, पुलिस महकमे में मची खलबली।

हल्द्वानी। लालकुआं कोतवाली क्षेत्र में दर्ज एक चर्चित दुष्कर्म मामले की जांच एक साल बाद भी अधर में लटकी हुई है। हैरानी की बात यह है कि अब तक न तो आरोप पत्र (चार्जशीट) अदालत में दाखिल किया गया है और न ही मामले में कोई अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है। इस देरी ने पुलिस जांच की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार वर्ष 2025 में लालकुआं निवासी एक महिला ने क्षेत्र के एक कारोबारी के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की शुरुआती जांच में लापरवाही सामने आने पर एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने तत्कालीन महिला उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया था। वह पिछले पांच महीनों से निलंबित चल रही हैं।

इसके बाद जांच की जिम्मेदारी लालकुआं कोतवाली में तैनात दूसरी महिला दरोगा को सौंपी गई, लेकिन पांच महीने बीत जाने के बावजूद जांच आगे नहीं बढ़ सकी। न चार्जशीट दाखिल हुई, न फाइनल रिपोर्ट लगी और न ही जांच की कोई ठोस प्रगति उच्च अधिकारियों तक पहुंची।

मामला अब देहरादून तक पहुंचने के बाद पुलिस विभाग में खलबली मची हुई है। सूत्रों के अनुसार उच्च स्तर पर भी इस मामले को लेकर जवाब-तलब किया जा रहा है।

इस संबंध में क्षेत्राधिकारी (सीओ) अमित सैनी का कहना है कि मामले में साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया जारी है तथा कुछ तकनीकी पहलुओं के कारण देरी हुई है। उन्होंने बताया कि जांच अधिकारी को जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।

एक वर्ष से लंबित इस संवेदनशील मामले में न्याय की राह देख रही पीड़िता और जांच की धीमी रफ्तार अब कई सवाल खड़े कर रही है।

 

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