“विज्ञान का लाभ पहुंचे अंतिम व्यक्ति तक, किसानों-पशुपालकों के लिए वरदान बने अनुसंधान”
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने आईवीआरआई मुक्तेश्वर में किया ‘खेत बचाओ अभियान’ का शुभारंभ!
मंजूल चौनाल संवाददाता दर्पण न्यूज 24/7
नैनीताल। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), मुक्तेश्वर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए ‘खेत बचाओ अभियान’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विज्ञान और अनुसंधान का वास्तविक उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना होना चाहिए।
राज्यपाल ने वैज्ञानिकों से आह्वान किया कि उनकी उपलब्धियों का लाभ किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण समुदायों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि आईवीआरआई केवल एक अनुसंधान संस्थान नहीं, बल्कि विज्ञान, सेवा और राष्ट्रनिर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र है, जिसने पशु स्वास्थ्य, रोग नियंत्रण और जैव सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में पशुधन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए “लैब टू लैंड” की अवधारणा को मजबूत करने पर जोर दिया। राज्यपाल ने कहा कि आधुनिक तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), टेली वेटरिनरी सेवाओं और डिजिटल माध्यमों से दूरस्थ क्षेत्रों के पशुपालकों तक विशेषज्ञ सलाह पहुंचाई जा सकती है।
राज्यपाल ने युवाओं को विज्ञान आधारित डेयरी, बकरी पालन, कुक्कुट पालन और मधुमक्खी पालन जैसे क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही उन्होंने आईवीआरआई से आगामी वर्षों में उत्तराखंड में 100 मॉडल पशुपालक गांव विकसित करने की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डॉ. राघवेंद्र भट्ट, संयुक्त निदेशक डॉ. एस.के. सिंह, डॉ. शेर सिंह सहित अनेक अधिकारी, वैज्ञानिक और किसान उपस्थित रहे।
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